सट्टेबाजों की गिरफ्त में शहर - सट्टेबाजों की गिरफ्त में शहर DA Image
12 नबम्बर, 2019|1:26|IST

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सट्टेबाजों की गिरफ्त में शहर

आईपीएल टी-20 की शुरुआत के साथ ही फरीदाबाद के सट्टा बाजार में हलचल तेज हो गई। दिल्ली, दुबई व जयपुर में बैठे बड़े सट्टेबाज शहर के बुकी के जरिए अवैध करोबार में लिप्त हैं।
ऐसे संचालित होता है सट्टा
रोजाना मैच शुरु होने से एक घंटे पहले रेट तय हो जाता है। जो भी रेट आ जाएगा उसी पर दांव लगाना होता है। समय-समय पर रेट में बदलाव भी होता रहता है। रुपये वसूलने की जिम्मेदारी भी छोटे बुकी की होती है।
बुकी और ग्राहकों के बीच मोबाइल से पूरा खेल होता है। बुकी ग्राहकों का खुद ही मोबाइल फोन मुहैया कराते हैं। जिसमें केवल इनकमिंग होती है। ताकि कोई भी बुकी से संपर्क न कर सके।
कोड का होता है इस्तेमाल
ल्लमैच के पहले टीम का कोड तय हो जाता है। एक टीम को फेवरिट घोषित कर रेट तय हो जाता है।
ल्लआप फेवरिट पर दांव लगाओगे या लंगड़ा पर। (एल और के कोडवर्ड के रुप में इस्तेमाल किए जाते हैं)
पकड़े गए मामले
ल्लअगस्त 2008 में एनआईटी-1 से पुलिस ने लाखों के सट्टे का भंडाफोड़ किया। बल्लनवंबर-2008 में बल्लभगढ़ के एक ढाबे में दो लोगों को क्रिकेट मैच के दौरान सट्टा लगाते धरा गया बल्लजून 2009 में 20-20 वर्ल्ड कप के दौरान सीआईए ने हाईवे के होटल से चार लोगों को सट्टा खेलते गिरफ्तार किया

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