राजनगर के बाद ‘नोएडा एक्सटेंशन’ के नाम पर खेल - राजनगर के बाद ‘नोएडा एक्सटेंशन’ के नाम पर खेल DA Image
15 नबम्बर, 2019|12:06|IST

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राजनगर के बाद ‘नोएडा एक्सटेंशन’ के नाम पर खेल


‘सस्ते व सुलभ आशियाने के लिए नोएड़ा एक्सटेंशन आएं’ चौंकिए नहीं ,इस नाम की कोई जगह अथॉरिटी के मास्टर प्लान में नहीं है, लेकिन लोकेशन की वजह से बिल्डर यहां नोएडा एक्सटेंशन बताकर अपने प्लाट बेच रहे हैं। नोएडा सेक्टर-76 से मात्र दो कि.मी. व गाजियाबाद क्रासिंग रिपब्लिक से कमोबेश इतनी ही दूरी पर स्थित ग्रेटर नोएडा के कथित ‘नोएडा एक्सटेंशन’ में बिल्डरों को जबरदस्त रेस्पांस मिल रहा है। लेकिन हिन्दुस्तान आपको बता रहा है कि ऐसा कोई एक्सटेंशन नहीं बनाया गया है। अथॉरिटी के अनुसार नोएडा या ग्रेनो में बिल्डरों को जमीन आंवटित की गई लेकिन ये लोग नोएडा के नाम पर इसे बेच रहे हैं जो गलत है। 

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने जब से सेक्टर एक,दो,तीन व चार में बिल्डर व टाउनशिप के प्लाटों की स्कीमें घोषित की हैं, शहर में रियल स्टेट कारोबार में तेजी आ गई है। नोएडा- ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 130 मी. चौड़े एक्सप्रेस से शहर में आने का रास्ता खुल गया है। पुल से ग्रेटर नोएडा में प्रवेश करते ही तमाम बिल्डरों के बैनर होर्डिग लगे दिखाई देंगे। टेंट लगाकर बैठे डीलर अपने प्रोजेक्ट की खूबियां बताते भी दिखेंगे।

ये लोग ग्रेटर नोएडा के इन चारों सेक्टरों को नोएडा एक्सटेंशन का नाम देकर प्लाट व फ्लैटों की बुकिंग कर रहे हैं। फ्लैट बुक कराने एक बिल्डर के प्रोजेक्ट पर पहुंचे सरिता विहार निवासी आलोक गुप्ता ने जब संबंधित डीलर से नोएडा एक्सटेंशन की बाबत पूछा तो उसने हाथ से इशारा कर कहा कि नोएडा के अधिकांश सेक्टर मौके से दिखाई दे रहे हैं।

गाजियाबाद भी सटा हुआ प्रतीत हो रहा है जबकि ग्रेटर नोएडा के अल्फा,बीटा गामा आदि उक्त जगह से करीब बीस किलोमीटर की दूरी पर हैं। ब्रोकर ने समझाया गाजियाबाद में एनएच 58 पर बिल्डर इसी तरह राजनगर एक्सटेंशन बताकर प्रोजेक्ट चला रहे हैं। हालांकि जानकारों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा के हिस्से को नोएडा एक्सटेंशन बताना कानून गलत है। इससे उपभोक्ता गुमराह हो सकता है।

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