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अमेरिकी कंपनी ने खरीदी सीएसआईआर की दवा

सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने एक नए दवा मॉलीक्यूल कयरुलोमाइसिन की खोज की है। इससे बनने वाली दवा अंग प्रत्यारोपण को सफल बनाने में काम आएगी। दरअसल अंग प्रत्यारोपण हो जाने के बाद भी अक्सर शरीर लगाए गए अंग को रिजेक्ट कर देता है। लेकिन इस दवा के इस्तेमाल से अंगों को रिजेक्ट करने से रोका जा सकता है। सीएसआईआर ने 150 करोड़ रुपये में यह मालीक्यूल अमेरिकी कंपनी को दिया है तथा जल्द प्रभावी दवा बाजार में आने का दावा किया है। दवा का आविष्कार इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टैक्नोलॉजी (इम्टेक) चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों ने किया है जो सीएसआईआर का ही एक आधुनिक प्रयोगशाला है। इस मालीक्यूल को आगे विकसित, क्िलनिकल ट्रायल और दवा बनाकर अन्तरराष्ट्रीय बाजार में उतारने के लिए सीएसआईआर ने अमेरिका की एक कंपनी मैसर्स नोस्त्रम फार्मास्युटिकल्स के साथ समझौता किया है। इम्टेक ने मालीक्यूल तीन करोड़ डॉलर यानी करीब 150 करोड़ रुपये में बेचा है। इसके अलावा नोस्त्रम को दवा बाजार में उतारते समय रायल्टी भी इम्टेक को देनी होगी। रायल्टी बाद में तय होगी। ो

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