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'तुम मिलो' के गानों में कुछ भी खास नहीं

'तुम मिलो' के गानों में कुछ भी खास नहीं

फिल्म 'तुम मिलो तो सही' का संगीत मशहूर संगीतकार संदेश शांडिल्या ने दिया है। यह वही संगीतकार हैं जिन्होने 'सूरज हुआ मध्धम' गाने का संगीत दिया था और उनका यह गाना लोगों को काफी पसंद भी आया था। लेकिन आने वाली फिल्म 'तुम मिलो तो सही' में उनके संगीत का जादू नहीं चल पाया है।

इस फिल्म में नाना पाटेकर, डिम्पल कपाडिया और सुनील शेट्टी जैसे कलाकार नज़र आएंगे। फिल्म में 6 गाने हैं।

फिल्म की शुरुआत शान के गाए हुए एक गाने से होती है। इस गाने में कुछ अंग्रेज़ी शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया है। यह रूमानी धुन कानों को काफी अच्छी लगती है। गाने में गितार, सेक्सोफोन और नगाड़ों का अच्छा प्रयोग किया गया है। लेकिन गाने में हुए अंग्रेज़ी अल्फाज़ों का इस्तेमाल कुछ खास नहीं लग रहा।

दूसरा गाना है 'जानेमन', जो राघव सचर ने गाया है। बाकी गानों के मुकाबले शुरुआत में यह काफी धीमा है और फिर अचानक यह गाना तेज़ हो जाता है। इस गाने की धुन किसी रॉक गाने से कम नहीं लगती लेकिन फिर भी यह गाना सुनने में अच्छा लगता है।

अगला गाना है 'बेखौफ मुहब्बत'। यह फिल्म का दूसरा रोमेंटिक गाना है और इसे कुणाल गांजावाला ने गाया है। लेकिन इस गाने का पुराने ज़माने का संगीत लोगों को लुभा नहीं पाएगा।

इस फिल्म में सुखविंदर सिंह ने भी एक गाना गाया है। 'चल हाथ मिला' गाना काफी खुशनुमा और उत्साह से भरा है। यह गाना फिल्म के बाकी गानों से बहतर है।

डोमिलीक सेरेजो ने फिल्म का 'लूट' गाना गाया है। इस गाने की धुन सुनी हुई सी लगती है। फिर भी यह गाना बहुत चुस्ती भरा है। यह गाना ना तो बहुत अच्छा है और ना ही बुरा।

और आखिर में है 'आयम बैड' नाम का गाना जो सुनीधी चौहान और कुणाल गांजावाला ने गाया है। इस गाने में पश्चिमी संगीत और पारम्परिक ढ़ोल का साथ में प्रयोग किया गया है। यह गाना भी कुछ खास नहीं है।

फिल्म में शानडिल्या के संगीत से काफी उम्मीदें थी लेकिन फिल्म के संगीत में कुछ भी नया और ताज़ा नहीं सुनने को मिला।

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