अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चुनावी समर में कैबिनेट के फैसले

चुनाव निकट हैं और चौदहवीं लोकसभा के आखिरी सत्र समाप्ति की पूर्व बेला पर सोमवार को कैबिनेट नें कई अहम ताबड़तोड़ फैसले कर डाले। सबसे बड़ा फैसला यह है कि कांग्रेसध्यक्ष सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली में लग रही रेल कोच फैक्ट्री अब पूरी तरह से सरकारी निवेश से बनेगी। इसके लिए सरकार को कोई ज्वाइंट वेंचर कंपनी नहीं मिल रही है। इसलिए 1685 करोड़ रुपये सरकार खर्च करेगी। इसी प्रकार लालू यादव के क्षेत्र मधेपुरा में लोकोमोटिव फैक्टरी के लिए भी ज्वाइंट वेंचर नहीं हो पा रहा है और 1800 करोड़ रुपये सरकार खर्च करेगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुये गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने बताया कि दि राइट ऑफ चिल्ड्रेन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन बिल 2008 को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। यह बिल पिछले साल 15 दिसम्बर को राज्यसभा में पेश किया गया था। बाद में इसे स्टैंडिंग कमेट को भेजा गया था। गत 18 फरवरी ने स्टैंडिंग कमेटी ने अपनी सिफारिशें दे दी हैं जिनमें से कई सिफारिशों को बिल में शामिल किया गया है। इसी सत्र में इसे पुन स्थापित किया जाएगा। सरकार की कोशिश इसे पास कराने की होगी क्योंकि यह भी न्यूनतम साझा कार्यक्रम का हिस्सा है। कैबिनेट ने चीनी के बढ़ रहे दामों को नियंत्रित करने के लिए चीनी के स्टाक करने की सीमा तय करने का फैसला किया है। इस बाबत मंगलवार को खाद्य मंत्रालय आदेश निकालेगा। लेकिन अगले चार महीनों तक सरकार चीनी के स्टाक पर नजर रखेगी ताकि इसकी कीमतें चढ़ने नहीं पाएं। कैबिनेट ने दूसर प्रशासनिक आयोग के कार्यकाल को एक महीने बढ़ाने का फैसला लिया है। इसका कार्यकाल 31 मार्च की बजाय अब 30 अप्रैल 200ो खत्म होगा। आयोग को नौकरशाही में सुधार के लिए रिपोर्ट देनी है। कैबिनेट ने देश भर में एक लाख जलाशयों की मरम्मत, पुनरोद्धार के लिए 4000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: चुनावी समर में कैबिनेट के फैसले