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मिसमैनेजमेंट की गेंद एक दूसरे पर उछाल रहे भाजपाई

भाजपा नेता पटना साहिब क्षेत्र में बूथ मिसमैनेजमेंट की गेंद एक-दूसर पर उछाल रहे हैं। प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने जहां इस कुप्रबंधन के लिए वोटिंग के दिन अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात अपने विधायकों पर उंगली उठाई थी वहीं विधायकों ने इसका रुख नेतृत्व की तरफ मोड़ दिया है। पटना पश्चिम से विधायक नितिन नवीन इसके लिए गर्मी को जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि वह प्रदेश नेताओं के इस आरोप से सहमत नहीं हैं कि उनके क्षेत्र में ढंग से पर्ची नहीं बंटी और इस कारण भाजपा के वोटरों को मतदान में दिक्कत हुई। श्री नवीन ने कहा कि वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में भी इस क्षेत्र में मात्र 38 फीसदी ही वोटिंग हुई थी।ड्ढr ड्ढr इस लिहाज से इतनी गर्मी में भी 37 फीसदी मतदान कोई बुरा तो नहीं है। अलबत्ता वह यह जरूर मानते हैं कि नए परिसीमन की वजह से कृष्णानगर और बोरिंग रोड क्षेत्र में दिक्कत हुई। पार्टी द्वारा प्रदेश स्तर पर कोई समीक्षा होती है तो वह इन मुद्दों को उसमें रखेंगे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक रामेश्वर प्रसाद चौरसिया भी इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं और विधायकों के पक्ष में आ गए हैं। उनका कहना है कि कार्यकर्ता ही पार्टी की पूंजी हैं और वे निस्वार्थ भाव से बूथों पर लगे हुए थे। यदि कोई उन पर उंगली उठाता है तो गलत है। जहां तक कम मतदान का सवाल है तो इसके लिए भीषण गर्मी, शादी का सीजन और खेती का समय भी उतना ही जिम्मेदार है। शहर में वैसे भी कम ही मतदान होता है। वोटिंग प्रतिशत बढ़ाना है तो चुनाव आयोग को भी चाहिए कि वह सही मौसम चुने। उन्होंने कहा कि हमार विधायक भी हर जगह पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कराने में लगे रहे और यह कहना ठीक नहीं होगा कि बूथ मैनेजमेंट में उनकी तरफ से कोई कोताही हुई।

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