घर से बाहर धूम मचाता खान - घर से बाहर धूम मचाता खान DA Image
19 नबम्बर, 2019|11:28|IST

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घर से बाहर धूम मचाता खान

घर से बाहर धूम मचाता खान

बहरीन में पहली बार कोई हिन्दी फिल्म रिलीज हुई थी। वहां 'माई नेम इज खान' की ओपनिंग जोरदार हुई और फिल्म ने देखते ही देखते 1,48,800 डॉलर बटोर लिये। पूरे मिडिल ईस्ट में 'माई नेम इज खान' ने 3.3 मिलियन बटोरे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। घाना में इसके प्रिंट्स की संख्या दोगुनी करनी पड़ी। मिस्र में इस फिल्म ने 42,363 डॉलर बटोरे।

'माई नेम इज खान' के जरिये शाहरुख खान ने साफ शब्दों में कहा कि माई नेम इज खान, एंड आई एम नॉट ए टैररिस्ट.. मतलब कि मेरा नाम खान है और मैं आतंकवादी नहीं हूं। शाहरुख की इस सीधी बात को एक सीधी साफ सच्चाई के तौर पर भारत में भले ही न के बराबर समझा गया हो, क्योंकि यहां फिल्मों की सफलता या असफलता बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से तय होती है, लेकिन पाकिस्तान और मिडिल ईस्ट सहित तमाम मुस्लिम बहुल देशों के साथ-साथ ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया जैसे देशों में भली- भांति समझा गया।

इस फिल्म का पाकिस्तान और कई मुस्लिम देशों में सफल होना इस बात का संकेत है कि अमेरिका में 9/11 के हमले के बाद हर मुस्लिम शायद यही बात समस्त विश्व से कहना चाह रहा था। पाकिस्तान में 'माई नेम इज खान' ने अपार सफलता हासिल की है। कराची के सबसे पुराने निशात सिनेमा में लगी 'माई नेम इज खान' का पहला दिन पहला शो देखने लायक था। कई दिनों तक एडवांस बुकिंग की सूरत में टिकटों की ब्लैक भी हुई। पाकिस्तान में 'माई नेम इज खान' को 25 प्रिंट्स के साथ रिलीज किया गया था, जिसके सभी शोज हाउसफुल चल रहे थे।

वर्ल्डप्रेस पर किंगएसआरके ब्लॉग खंगालने से पता चलता है कि निर्देशक करण जौहर ने इस फिल्म के जरिये विदेशों में एक नया और काफी बड़ा दर्शक समूह जुटाया है, जिसमें शाहरुख खान का योगदान प्रमुखता से शामिल है। संभवत: पाकिस्तानी नागारिकों और कुछ अन्य मुस्लिम देशों द्वारा 'माई नेम इज खान' के ही समर्थन में लिखे गये ब्लॉग्स छानने पर ये बात सामने आयी कि फिल्म में जब कट्टरपंथी और एक मुस्लिम की नेकी के तराने सिनेमा हॉल में गूंजे तो लोगों की आंखों में आंसू आ गये।

बर्लिन में भी इस फिल्म ने खूब धूम मचाई। बहरीन में तो पहली बार कोई हिन्दी फिल्म रिलीज हुई थी। वहां इसकी ओपनिंग जोरदार हुई और फिल्म ने देखते ही देखते 1,48,800 डॉलर बटोर लिये। पूरे मिडिल ईस्ट में इस फिल्म ने 3.3 मिलियन बटोरे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। घाना में भी पहली बार कोई हिन्दी फिल्म रिलीज हुई थी। यहां रातों रात इसके प्रिंट्स की संख्या दोगुनी करनी पड़ी। 'माई नेम इज खान' ने घाना में 7,443 डॉलर बटोरे, जो बॉक्स ऑफिस का टॉप रिकॉर्ड है। पूरे साउथ अफ्रीका में 'माई नेम इज खान' ने रिकार्ड तोड़ 1,77,119 डॉलर बटोरे।
मिस्र में 42,363 डॉलर की ओपनिंग के साथ इस फिल्म ने एक नया इतिहास रचा। सिंगापुर में 3,01,094 डॉलर, मलेशिया में 1,20,452 डॉलर और इंडोनेशिया में छह से 14 स्क्रीन्स की तरफ बढ़ इस फिल्म ने तीसरे सप्ताह में भी 300 फीसदी तक मुनाफा कमाया। जॉर्डन, सीरिया और लेबनान में यह गत 10 मार्च को रिलीज हुई। वहां के कलेक्शन आने अभी बाकी हैं। यानी शाहरुख का संदेश दुनिया में काम कर गया।

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