दो टूक (12 मार्च, 2010) - दो टूक (12 मार्च, 2010) DA Image
20 नबम्बर, 2019|1:15|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो टूक (12 मार्च, 2010)

दहेज हत्या के एक मामले में अदालत की टिप्पणी सोचने पर मजबूर करती है। इस मामले में मृतका के माता-पिता भी अपने बयान से मुकर गए थे।

महिलाओं की राजनीति में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आज जद्दोजहद चल रही है, लेकिन समाज उन्हें बराबरी देने को तैयार नहीं। आधी आबादी के प्रति यही रुख संसद में उनकी राह रोकता है। जो समाज उन्हें घर में हिस्सा नहीं देता, राजनीति में आसानी से कैसे जाने देगा?

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दो टूक (12 मार्च, 2010)