आस्ट्रिया के विलीबेल्ड बन गए गंगा का हिस्सा - आस्ट्रिया के विलीबेल्ड बन गए गंगा का हिस्सा DA Image
14 नबम्बर, 2019|6:36|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आस्ट्रिया के विलीबेल्ड बन गए गंगा का हिस्सा

आस्ट्रिया के विलीबेल्ड उर्फ गोपाल की अस्थियां सनातनी रीति रिवाज के साथ ब्राकुंड घाट पर मोक्षदायिनी गंगा में प्रवाहित कर दी गई। गोपाल की पत्नी बेट्टीना बिसपोश ने सावित्री बनकर अपने पति की आखिरी इच्छा पूरी की। करीब 15 साल पूर्व सनातनी बने गोपाल का विएना में गत वर्ष दिसम्बर माह में देहांत हो गया था।


विलीबेल्ड उर्फ गोपाल की आखिरी इच्छा थी कि उनका क्रियाकर्म सनातनी रस्मों के अनुसार किया जाए। पेशे से लेखाकर गोपाल की आखिरी इच्छा पूरी करने का बीड़ा उनकी पत्नी बेट्टीना ने उठाया। कड़े कानूनों के बावजूद बेट्टीना पति की इच्छा पूरी करने के लिए डटी रही। देह संस्कार करने में बाबाजी योग क्रिया ट्रस्ट ने अहम भूमिका निभाई। कई दिनों बाद गोपाल का सनातनी रीति रिवाज के अनुसार देह संस्कार किया गया। बेट्टीना ने ही अपने पति की चिता को मुखाग्नि दी।


गंगा में गोपाल की अस्थियां करने के लिए बेट्टीना अपने आठ साथियों के साथ भारत आई हैं। बृहस्पतिवार को बेट्टीना ने अपने पति की अस्थियां गंगा में विसजिर्त की। ब्रrाकुंड में अस्थियां विसजिर्त करते हुए बेट्टीना की आंखे नम हो गई। नम आखें बंद कर अतीत में जाते हुए बेट्टीना ने कहा कि उनके पति गोपाल भारत और भारतीय संस्कृति से बहुत प्रेम करते थे।
उनकी आखिरी इच्छा थी कि सनातनी रीति रिवाज के साथ ही क्रियाकर्म किया जाए। हालांकि गोपाल ने बेट्टीना को सनातनी बनने के लिए कभी नहीं कहा, लेकिन भारतीय परम्पराओं और अध्यात्म से आकर्षित होकर बेट्टीना सनातनी बनने की सोच रही हैं। अस्थियां विसजर्न का संस्कार पंडित संजय चक्रवर्ती ने कराया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आस्ट्रिया के विलीबेल्ड बन गए गंगा का हिस्सा