विपक्ष के हंगामे के चलते सदन स्थगित - विपक्ष के हंगामे के चलते सदन स्थगित DA Image
11 दिसंबर, 2019|5:55|IST

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विपक्ष के हंगामे के चलते सदन स्थगित

उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार को प्रमुख विपक्षी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों दवारा जबर्दस्त हंगामा करने के चलते सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के बाद विधान सभा अध्यक्ष हरबंस कपूर ने तीन बार स्थगित करते हुये कार्यवाही को तीन बजे भोजनावकाश तक के लिये स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह जब शुरू हुई तो सदस्यों ने प्रश्नकाल को चलने दिया लेकिन प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में ही कांग्रेस और बसपा के सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गये और जोर- जोर से नारे लगाने लगे। उनका आरोप था कि राज्य में 56 जल विद्युत परियोजनाओं को कुछ शराब माफिया और कुछ नई कम्पनियों को सौपा गया जिसमें हेराफेरी की गई है।

सभी सदस्य भ्रष्टाचारी सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी के नारे लगा रहे थे। उनका आरोप था कि आवंटन में भारी रकम का गोलमाल किया गया है। सदन में नेता प्रतिपक्ष हरकसिंह रावत ने कहा कि आवंटन की प्रक्रिया में भारी घोटाला किया गया है और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिये। सीबीआई से जांच कराने पर ही मामले का खुलासा हो सकता है।

रावत ने मंगलवार को इसी मुद्दे पर सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के मसले पर कहा कि सदन में इस मुद्दे पर बहस करायी जानी चाहिये। सरकार अपनी हेराफेरी को छुपाने की कोशिश कर रही है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। विधान सभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों की मांग को अस्वीकार कर दिया और इसके बाद ही सभी सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने आ गये और नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष के बार- बार अपील किये जाने के बाद भी जब सदस्य अपनी बात पर अड़े रहे। इस पर अध्यक्ष ने सदन को पहले एक बजे,फिर 13.15 बजे और तीसरी बार 15.00 बजे तक के लिये स्थगित कर दिया।

रावत ने आरोप लगाया है कि पांच लोगों ने नई कम्पनी की शुरूआत की और सरकार द्वारा उन्हें 377 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं का आवंटन कर दिया गया है जिन्हें विद्युत उत्पादन का कोई अनुभव नहीं है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने स्पष्ट कहा है कि परियोजनाओं के आवंटन में कोई अनियमितता नहीं की गई और पूरी पारदर्शिता बरती गई है। सरकार को विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के लिए कुल 736 आवेदन हासिल हुए थे जिसमें से 621 को वैध पाया गया और बाकी को निरस्त कर दिया गया। राज्य के 12 स्थानीय व्यक्तियों को भी कुछ परियोजनाएं आवंटित की गई हैं।

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