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आजम खां का उपनेता पद से इस्तीफा दिया, छह साल के लिए सपा से निष्कासित

समाजवादी पार्टी ने रविवार को बागी नेता आजम खां को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निकासित कर दिया। सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने लखनऊ में कहा कि आजम खां को पार्टी के विरोध में काम करने के लिए छह साल के लिए निकाला गया है। उन्होंनें कहा कि आजम खां को पार्टी विरोधी गतिविधि से दूर रहने की सलाह और चेतावनी दोनों दी गई थी, लेकिन उन्होंनें इस पर ध्यान नहीं दिया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी नेता और हाल ही में महासचिव पद से त्यागपत्र देने के बाद रविवार को विधानसभा में पार्टी के उपनेता का पद भी छोड़ने वाले आजम खां ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से आए कल्याण सिंह की दोस्ती के कारण ही मुसलमान सपा का साथ छोड़ गए।

सपा नेता शाहिद खां के आवास पर बिजनौर में संवाददाताओं के साथ बातचीत में आजम खां ने कल्याण सिंह को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने का दोषी होने के कारण दुर्दांत अपराधी करार दिया और उनके लिए फांसी की सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि मुसलमान सपा के साथ भला कैसे रह सकते थे जब पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह जैसे लोगों के करीब आ गए थे। उन्होंनें कहा कि छह दिसम्बर 1992 को जब विवादित ढांचा गिराया गया था तब कल्याण सिंह ही राज्य के मुख्यमंत्री थे और सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक दिन की सजा भी दी थी।

उन्होंनें कहा कि कल्याण सिंह के कारण ही लोकसभा चुनाव में सपा की यह हालत हुई कि एक भी मुसलमान प्रत्याशी नहीं जीत सका जबकि पार्टी ने दस मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के कारण ही सलीम शेरवानी और शफीकुर्रहमान बर्क जैसे नेता पार्टी से अलग हो गए।

आजम खां ने कहा कि इन नेताओं ने दूसरी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत भी गए। मुसलमान अभी भी सपा के साथ जुड़ सकते हैं यदि मुलायाम सिंह यादव, कल्याण सिंह के साथ हाल में पनपी अपनी दोस्ती का मोह छोड़ दें। उन्होंनें कहा कि कल्याण सिंह भाजपा को बर्बाद करने की कसम खाकर पार्टी से निकले थे लेकिन उनके कारण अब सपा बर्बाद हो रही है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी अध्यक्ष की बातें उन्हें नस्तर की तरह चुभी हैं। मुलायम सिंह यादव चुनावी सभाओं में अपनी बातों से उनके दिल पर जख्म छोड़ गए हैं। उन्हें स्वार्थी और दूसरों से जलन की भावना रखने वाला तक कहा गया।

रामपुर सीट से जयाप्रदा की जीत पर भी उन्होंनें सफाई दी और कहा कि वह पार्टी प्रत्याशी का विरोध नहीं कर रहे थे। यदि ऐसा होता तो जयाप्रदा कभी भी चुनाव नहीं जीत पातीं। उन्होंने कहा कि सपा की बर्बादी का एक कारण महासचिव अमर सिंह भी हैं। अमर सिंह के कारण ही पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। पार्टी का हर बड़ा और छोटा नेता उनके प्रभाव में है।

आजम खां ने कहा कि पार्टी के महासचिव पद और संसदीय बोर्ड की सदस्यता से त्यागपत्र देने के बाद रविवार को उन्होंने विधानसभा में पार्टी के उनपेता के पद से भी त्यागपत्र दे दिया है और इस आशय का पत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है।

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