DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मेट्रो से मानव घंटों में 60 प्रतिशत तक की कमी

मेट्रो से मानव घंटों में 60 प्रतिशत तक की कमी
नई दिल्ली
एजेंसी

अगले वर्ष दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) की दूसरे चरण की परियोजनाओं के पूरी होने से आम लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की सुविधा तो होगी ही, इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में जीविका के लिए भाग दौड़ में अपना कीमती समय गंवाने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

एक सर्वेक्षण के अनुसार अगले वर्ष जब डीएमआरसी की दूसरे चरण की परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी तो दिल्ली और एनसीआर में काम के लिए इधर उधर आने जाने में खर्च होने वाले मानव घंटों में 60 प्रतिशत तक की कमी आएगी। मेट्रो रेल परियोजना के निर्माणाधीन स्थलों पर हुए हाल के हादसों और रुकावटों के बावजूद दिल्ली और एनसीआर में काम करने वाले अधिकांश लोगों की प्राथमिकता सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों की बजाय मेट्रो रेल ही होगी।

एसोसिएटेड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया (एसोचैम) द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में चैम्बर के महासचिव डीएस रावत ने कहा है कि दिल्ली और एनसीआर में 70 लाख से अधिक काम करने वाले लोगों में से प्रत्येक को यातायात जाम तथा अन्य कारणों से रोजाना लगभग पांच घंटे अपने कार्यस्थलों तक पहुंचने में लगाने पड़ते हैं। मेट्रो रेल परियोजनाओं के पूरा हो जाने पर यह समय घटकर दो घंटे रह जाने का अनुमान है।

रावत का कहना है कि एनसीआर में काम करने वाले लोग सड़क मार्ग के सार्वजनिक परिवहन की बजाय मेट्रो रेल को वरीयता देंगे। इससे लोगों को तो फायदा होगा ही मेट्रो रेल की आमदनी में भी खासा इजाफा होगा। सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2010 तक मेट्रो रेल के दैनिक यात्रियों की संख्या मौजूदा नौ लाख की तुलना में 25 लाख से अधिक हो जाने की उम्मीद है।
चैम्बर का कहना है कि मेट्रो को यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए सूरजपुर, दादरी, सोनीपत, बल्लभगढ़, पलवल और ग्रेटर नोएडा आदि के दूरस्थ क्षेत्रों से यात्रियों के लिए अपनी पहुंच बनानी होगी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि यातायात के सुगम होने के साथ ही 50 हजार कुशल और अकुशल रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। यह रोजगार इंजीनियरिंग, उपभोक्ता संपर्क, ठेकेदारी, तकनीशियन, स्टेशन कंट्रोलर्स, ट्रेन कंट्रोलर्स, सतर्कता, जनसंपर्क, सुरक्षा गार्ड और सहायक कर्मचारी आदि के रूप में होंगे।

चैम्बर का कहना है कि मेट्रो रेल की वजह से खुदरा, मल्टीप्लैक्स, आतिथ्य सत्कार, फूड्स ऐंड ब्रेवरीज क्षेत्रों का विकास होगा। इसके अलावा मेट्रो रेल की आमदनी भी 190 प्रतिशत बढ़कर 2011 तक 2100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। चैम्बर का कहना है कि दिल्ली मेट्रो रेल को अपने यात्रियों की संख्या में इजाफा करने के लिए स्मार्ट कार्डधारकों को दी जाने वाली छूट को दस से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना चाहिए। इसके अलावा यात्रा के दौरान कोचों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की भर्ती करनी चाहिए। वर्तमान में सुरक्षा कर्मी केवल स्टेशनों पर ही उपलब्ध हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एजेंसी