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दुश्मन की कमजोरी को शक्ति मानना भूल: भाजपा

दुश्मन की कमजोरी को शक्ति मानना भूल: भाजपा
भोपाल। अपने शत्रु की कमजोरी को अपनी ताकत मान कर जीत के लिए निश्चिंत से हो जाते हैं तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में इस लोकसभा चुनाव   में भाजपा को उसके पारंपरिक गढ़ मालवा निमाड़ में पराजय का सबसे बड़ा कारण यही बना।
 
पांच महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत और गुटबाजी तथा अंतर्कलह से घिरी कांग्रेस की हालत देख आत्म विश्वास से भरी भाजपा ने यह मान लिया कि प्रतिद्वंद्वी की कमजोरी ही उसकी शक्ति है।
हालत यह थे कि इस अंचल में भाजपा के कई दिग्गज प्रत्याशी 50 हजार से लेकर एक लाख मतों से अपनी जीत तय मान रहे थे लेकिन परिणाम इसके विपरीत रहा। दूसरी तरफ अस्तित्व की लडाई लड़ रही कांग्रेस ने पूरा जोर लगाया और उसके युवा प्रत्याशी मतदाताओं के मन में परिवर्तन का मंत्र फूंकने में सफल रहे।
 
कांग्रेस के ताकतवर प्रतिद्वंदीवी आत्ममुग्धता का शिकार रहे और इसका पूरा लाभ कांग्रेस ने उठाया। इन परिणामों ने यह भी बताया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में संख्या की दृष्टि निर्णायक भूमिका में आने वाले युवा मतदाताओं के रूझन और उनकी रूचि को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
 

इतना ही नहीं जनप्रतिनिधी की विनम्रता और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी सहज उपलब्धता भी परिणाम पर असर डालने वाले मुख्य कारण होते हैं।

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  • Web Title:एजेंसी