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गुलशन हत्याकांड का शूटर रउफ फरार

गुलशन हत्याकांड का शूटर रउफ फरार

मुंब्रा निवासी रउफ को बंबई उच्चन्यायालय ने पिछले महीने इस शर्तपर 14 दिनों के अवकाश पर रिहा किया था कि वह प्रतिदिन पुलिस को रिपोर्ट करेगा ।

संयुक्त पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने कहा कि रउफ मर्चेंटने एक हफ्ते तक रिपोर्टकी लेकिन उसके बाद उसने मुंब्रापुलिस स्टेशन आना बंद कर दिया। उसकी खोज की जा रही है। मारिया ने कहा कि पुलिस को उसके बारे में कुछ सुराग मिले है लेकिन इस समय कुछ नहीं बताया जा सकता।
 
गौरतलब है कि अदालत दोषी को प्रत्येक दो वर्षपर एक पखवाड़े की छुटटी देती है ताकि वह अपने परिवार के लोगों से मिल सके और यह समय खत्म होने के बाद वह जेल लौट जाता है।
 
रउफ ने अवकाश पर रिहा किये जाने के लिए जेल से याचिका दायर की थी। अदालत ने उसकी याचिका को मंजूर कर लिया था क्योंकि वकील फरहाना शाह ने उसके मामले के एमीकस क्यूरी (अदालत के साथ मित्रवत) बताया था।
 
गुलशन कुमार की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा दिये जाने के बाद मर्चेंट पहली बार जेल से रिहा किया गया था। रउफ को 2001 में सजा दी गई थी जबकि 18 अन्य आरोपियों को निचली अदालत ने रिहा कर दिया था क्योंकि पुलिस उनके खिलाफ षडयंत्र के आरोपों को साबित नहीं कर पाई । मर्चेंटके भाई को इस मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था ।
 
मामले में मुख्य अभियुक्त और संगीत निर्देशक नदीम सैफी गुलशन कुमार की हत्या के बाद से ही फरार है। नदीम लंदन में है और गुलशन की हत्या के बाद से नहीं लौटा इसलिए भारत सरकार ने ब्रिटेन की अदालत में उसके खिलाफ प्रत्यर्पण प्रक्रिया की शुरूआत की थी लेकिन सरकार सफल नहीं हुई ।
 
लंदन की अदालत ने अभियुक्त से गवाह बने आरोपी के बयानों पर विश्वास नहीं किया और कहा कि बयान संदिग्ध लगता है । बाद में गवाह अदालत में मुकर गया जिस कारण षडयंत्र को साबित नहीं किया जा सका ।
 
नदीम ने 2006 में बंबई उच्च न्यायालय में अपील की और गैर जमानती वारंट एवं भगोड़ा करार देने वाले आदेश को रदद करने की मांग की लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी गई।
 

मामले में आरोप है कि नदीम ने गुलशन कुमार के व्यावसायिक प्रतिद्वंदी व नौकरानी के कहने पर माफिया सरगना अबु सलेम से संपर्क किया था। सलेम ने कथित तौर पर मर्चेंट को गुलशन की हत्या करने का आदेश दिया। तौरानी और 17 अन्य को षडयंत्र के आरोप साबित नहीं होने पर बरी कर दिया गया। सलेम के खिलाफ मुकदमा अब भी जारी है क्योंकि निचली अदालत का फैसला आने के बाद उसे पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया ।

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  • Web Title:एजेंसी