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दूसरी इंडियन ग्रांप्री को लेकर उत्सुक हैं सुशील

Sun, 14 Oct 2012 05:38 PM
दूसरी इंडियन ग्रांप्री को लेकर उत्सुक हैं सुशील

इंडियन ग्रांप्री के दूसरे सत्र में अब जब सिर्फ कुछ दिनों का समय बचा है तब दिग्गज पहलवान सुशील कुमार ने कहा कि वह 28 अक्तूबर को बुद्ध अंतरराष्ट्रीय सर्किट में इस फार्मूला वन रेस का साक्षी बनना पसंद करेंगे। कोई विशेष ड्राइवर या टीम सुशील की पसंदीदा नहीं है लेकिन उन्होंने कहा कि वह पिछले कुछ समय से टीवी पर इस प्रतियोगिता को देख रहे हैं।

लगातार दो ओलंपिक में व्यक्तिगत पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय सुशील ने कहा कि नहीं, अब तक मुझे आयोजकों से कोई आमंत्रण नहीं मिला है। लेकिन हां निश्चित तौर पर मैं इसे देखना चाहता हूं। पिछले साल महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने झंडा दिखाकर रेस की शुरुआत की थी और अब देखना है इस बार किसे यह मौका मिलता है।

बीजिंग ओलंपिक 2008 के कांस्य पदक के बाद इस साल अगस्त में सुशील ने लंदन ओलंपिक में भी रजत पदक जीता था। इस प्रभावी प्रदर्शन के बाद सुशील को लगभग एक करोड़ रुपये के विज्ञापन मिले जबकि उन्होंने शराब की एक कंपनी की 50 लाख रुपये की पेशकश को ठुकरा दिया।

यह पूछने कि उन्होंने क्योंकि इस लुभावनी पेशकश को ठुकराया तब सुशील ने कहा कि अगर मैं इस करार के लिए हां बोल देता तो युवा पीढ़ी पर क्या असर पड़ता जो शीर्ष स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और मुझे आदर्श मानते हैं। इस करार के तहत सुशील को इस ब्रांड के एक अन्य संबंधित विज्ञापन का हिस्सा बनना था।

सुशील ने कहा कि ओलंपिक से पहले जब हम अमेरिका में तैयारी कर रहे थे तो मुझे पता चला कि एक प्रतिष्ठित अमेरिकी एथलीट को जेल में डाल दिया गया है। जब मैंने पूछा कि उसे सजा क्यों हुई तो मुझे बताया गया कि उसने ड्रग्स लिए थे। इससे युवाओं को गलत संदेश गया। मैं कहना चाहता हूं कि इस तरह के करार से समाज को फायदे से अधिक नुकसान ही होता है।

सुशील फिलहाल माउंटेन डयू, आइशर ट्रैक्टर्स, राल्सन टाइयर्स और नेशनल एग कोर्डिनेशन कमेटी जैसे ब्रांड का प्रचार करते हैं। यह पूछने पर कि क्या वह आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे। सुशील ने कहा कि महासंघ (भारतीय कुश्ती महासंघ) ने अब तक उन्हें इस प्रतियोगिता की जानकारी नहीं दी है लेकिन उनके लिए इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनना काफी मुश्किल होगा।

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