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नौ दिन चला पुस्तकों का कुंभ संपन्न

राजधानी में नौ दिन तक चला विश्व पुस्तक मेला रविवार को संपन्न हो गया तथा अंतिम दिन पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान फिल्म, राजनीति सहित तमाम क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने आम आदमियों के साथ किताबों की दुनिया का भरपूर आनंद उठाया।
     
पुस्तक मेले में अंग्रेजी, हिन्दी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की करीब 500 से अधिक नयी पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। पुस्तक मेले में साहित्यकारों, लेखकों, कवियों के अलावा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर कपिल सिब्बल सहित तमाम नेताओं, गुलजार, जावेद अख्तर, फारूक शेख, अमोल पालेकर, सतीश कौशिक, सुषमा सेठ, मुजफ्फर अली जैसी फिल्मी हस्तियों ने भी भाग लिया।
     
मेले के अंतिम दिन प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने आज किताब प्रेमियों के साथ सीधे संवाद किया। उन्होंने तमाम लोगों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का दिलचस्प ढंग से जवाब दिया। गुलजार ने भी आज अपनी दो पुस्तकों को जारी किये जाने के अवसर पर अपने प्रशंसकों से बात की।
     
मेले में करीब 1300 भारतीय और विदेशी प्रकाशकों और संस्थाओं ने भाग लिया। मेले में भारतीय भाषाओं तथा विदेशी भागीदारों के लिए अलग से पवेलियन बनाये गये थे। पुस्तक मेले में इस बार कई थीम पवेलियन भी बनाये गये थे। भारतीय सिनेमा के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक अलग से पवेलियन बनाया गया था। इस पवेलियन में फिल्मों से जुड़ी पुस्तकों, फिल्म निर्माण में प्रयुक्त होने वाले कैमरों, रील, ग्रामाफोन आदि को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसी पवेलियन में लगभग हर दिन फिल्मी हस्तियों ने संगोष्ठियों में भाग लिया और पुस्तक प्रेमियों के साथ सीधे संवाद कायम किया।

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वकवि गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगौर की 150वीं जयंती के अवसर पर साहित्य अकादमी ने एक विशेष पवेलियन तैयार किया था। इस पवेलियन में टैगोर की पुस्तकों, चित्रों, पोस्टरों आदि का प्रदर्शन किया गया था। पुस्तक मेले में इस बार बच्चों के साहित्य के लिए अलग पवेलियन बनाये गये थे। इनमें विभिन्न भाषाओं की करीब 1200 से अधिक पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान बच्चों की कार्यशालाओं, जादू कार्यक्रम और नाटिकाओं का भी आयोजन किया गया। दिल्ली को भारत की राजधानी बनाये जाने के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पुस्तक मेले में एक विशेष थीम पवेलियन बनाया गया था। पवेलियन में दिल्ली की प्रसिद्ध इमारतों और स्थलों से जुड़े दुर्लभ चित्रों, फोटोग्राफ का प्रदर्शन किया गया था। एफ्रो एशियाई क्षेत्र के इस सबसे बड़े पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए 25 फरवरी को मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा था कि सरकार चाहती है कि इस पुस्तक मेले का हर साल आयोजन किया जाये। विश्व पुस्तक मेले के आयोजन की शुरूआत 1972 से हुई थी और नेशनल बुक ट्रस्ट के तत्वावधान में हर दो साल बाद इसका आयोजन किया जाता है।
    
पुस्तक मेले के अंतिम दिन आज लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। अंतिम दिन देखते हुए कई प्रकाशकों ने अपनी पुस्तकों पर छूट की मात्रा बढ़ा दी थी लिहाजा पुस्तक प्रेमियों ने जमकर खरीदारी की।

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