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केंद्र नहीं दे रहा सहयोग : ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर 'असहयोग की जिद पर अड़े रहने' का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती, क्योंकि इसने तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार को सरकारी धन 'लुटाने' की छूट दे रखी थी।

अपनी सरकार के एक वर्ष पूरा करने के मौके पर 182 पृष्ठों की एक पुस्तक 'होप टू रियलिटी' का लोकार्पण करते हुए ममता ने कहा, ''हम समझते हैं कि पूर्ववर्ती शासन के दौरान व्यवस्था को तहस-नहस किया गया और उसका मलबा जो हमें उपहार में मिला है, उसकी सफाई हमें करनी है। पिछला एक साल हम केंद्र सरकार के साथ राज्य की संकटपूर्ण स्थिति के बारे में तर्क-वितर्क करते रहे लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।''

उन्होंने पुस्तक में लिखा है, ''वाम मोर्चा सरकार को सरकारी धन लुटाने की अनुमति क्यों दी गई?..केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछा नहीं छुड़ा सकती क्योंकि वह पूर्ववर्ती वामपंथी सरकार को वित्तीय गड़बडिम्यां करने की खुली छूट दे रखी थी।''

ज्ञात हो कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने दावा किया है कि दो लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज का बोझ उसे पूर्ववर्ती सरकार से विरासत में मिला है।

ममता ने कहा, ''हम मांग करते हैं कि इस बड़े कर्ज के समूची संरचना पर गौर किया जाए और इसको खत्म करने पर विचार किया जाए। राज्य सरकार जो ब्याज चुकाती है, उससे हमें तीन साल के लिए स्थिगित करने की अनुमति मिलनी चाहिए।''

उन्होंने केंद्र सरकार की निंदा करते हुए लिखा है, ''दुर्भाग्यवश, केंद्र की सत्ता में ऊंचे ओहदों पर बैठे लोगों के साथ कई बार बैठकें करने के बावजूद हमें खाली हाथ लौटना पड़ा। हम भीख के लिए केंद्र सरकार का दरवाजा नहीं खटखटा रहे हैं। हम उचित न्याय मांगते हैं।''

इस बीच, कांग्रेस की राज्य इकाई ने ममता सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर किए जा रहे आयोजनों की आलोचना की है। इस पर तृणमूल अध्यक्ष ने 22 मई को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के दूसरी बार गठन के तीन वर्षपूरे होने के उपलक्ष्य में होने वाले समारोहों से खुद को अलग रखने का फैसला लिया है।

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