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पूर्वोत्तर की ओर फैल रहा है लाल गलियारा

पश्चिम बंगाल और झारखंड सहित कुछ राज्यों में अपनी सक्रियता वाले इलाकों पर पकड़ कमजोर पड़ने और किशनजी सहित कुछ बड़े नेताओं के मारे या पकड़े जाने के बाद भाकपा-माओवादी ने रणनीति में बदलाव करते हुए अब उन इलाकों में पैठ बनाने का इरादा किया है, जहां अब तक उनकी या तो उपस्थिति नहीं थी या नाम मात्र की गतिविधियां थीं।

इसी रणनीति के तहत माओवादियों ने पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों के साथ नजदीकी संबंध स्थापित कर वहां अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि भाकपा-माओवादी ने पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ संबंध बनाये हैं। समझा जाता है कि दोनों संगठनों ने माओवादियों के साथ प्रशिक्षण, धन की व्यवस्था और हथियार गोला बारूद की आपूर्ति में परस्पर सहयोग का फैसला किया है।

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