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कुछ गिनेचुने विज्ञापनदाताओं का खेल बन रहा है आईपीएल

बाजार विशेषज्ञों एवं विज्ञापन की बुकिंग कराने वाले लोगों का मानना है कि आईपीएल प्रसारक सेट मैक्स द्वारा विज्ञापनों के लिए ऊंची दरें वसूले जाने के कारण टी20 क्रिकेट लीग गिने चुने विज्ञापनदाताओं का खेल बन रहा है, ऐसे में अन्य विज्ञापनदाता दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं।

जहां वोडाफोन जैसी कंपनियां अब भी आईपीएल पर बड़ा दांव लगा रही हैं, वहीं कैनन जैसी अन्य कंपनियां मानती हैं कि आईपीएल के प्रति लोगों की दिलचस्पी घट रही है और अब समय आ गया है कि दूसरे विकल्प तलाशे जाएं। आईपीएल के प्रमुख प्रायोजक डीएलएफ और कार्बन आईपीएल के साथ अपने भावी गठबंधन पर पहले ही विकल्पों को तलाश रही हैं।

कैनन इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक भारद्वाज ने बताया कि स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आईपीएल में लोगों की दिलचस्पी घट रही है और विज्ञापनदाता घट रहे हैं। आईपीएल कुछ गिने चुने (बड़े विज्ञापनदाताओं) लोगों का खेल बनकर रह गया है। दूसरे विज्ञापनदाताओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए अन्य विकल्प तलाशने होंगे।

उन्होंने कहा कि कैनन इंडिया आईपीएल के लिए अपने नए विज्ञापन अभियान के बजट का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा आईपीएल में खर्च करेगी। कंपनी ने नई ब्रांड अंबेसडर अनुष्का शर्मा के साथ नए विज्ञापन अभियान पर 30 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है इसका 10 प्रतिशत ही आईपीएल में खर्च करेगी।

 

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  • Web Title:कुछ गिनेचुने विज्ञापनदाताओं का खेल बन रहा है आईपीएल