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शतकीय साझेदारी नहीं निभा पा रहे हैं सहवाग-गंभीर

वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर का मानना है वे दोनों अब भी भारत की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी हैं लेकिन सचाई यही है कि इन दोनों ने लगभग दो साल और पिछली 20 पारियों से टेस्ट क्रिकेट में कोई शतकीय साझेदारी नहीं निभायी है।

गंभीर ने हाल में कहा था कि उनकी और सहवाग की जोड़ी देश में वर्तमान समय की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी है। इस पर जब सहवाग से प्रतिक्रिया देने के लिये कहा गया था उनका भी जवाब था, हां ऐसा है।

असल में सहवाग और गंभीर की सलामी जोड़ी ने भारत की तरफ से 81 पारियों में लगभग 53 की औसत से सर्वाधिक 4110 रन बनाये हैं जिसमें दस शतकीय और 24 अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं। वह भारत की नंबर एक और दुनिया में पांचवें नंबर की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी है।

लेकिन पिछले दो साल ये दोनों बड़ी पारियां नहीं खेल पाये हैं जिसका असर सलामी जोड़ी के रूप में उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा है। गंभीर और सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में आखिरी शतकीय साझेदारी दिसंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में निभायी थी। तब इन दोनों ने पहले विकेट के लिये 137 रन जोड़े थे।

इसके बाद से सहवाग और गंभीर 20 पारियों में मिलकर पारी का आगाज कर चुके हैं लेकिन उनकी सर्वश्रेष्ठ साझेदारी 89 रन की है जो उन्होंने पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में निभायी थी। इन दोनों ने इन पारियों में केवल 30.25 की औसत से 605 रन जोड़े हैं। इनमें पांच अर्धशतकीय साक्षेदारियां शामिल हैं।

असल में भारत की कोई भी सलामी जोड़ी पिछले दो साल और 34 टेस्ट पारियों से शतकीय साझेदारी नहीं निभा पायी है। सहवाग और गंभीर की सेंचुरियन में निभायी गयी भागीदारी भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में आखिरी शतकीय साझेदारी भी है। इस बीच भारत को छोड़कर टेस्ट खेलने वाले बाकी सभी देशों की तरफ से पहले विकेट के लिये शतकीय साझेदारी निभायी गयी।

भारत ने इस दौरान गंभीर और सहवाग सहित जोड़ियों को आजमाया लेकिन सभी नाकाम रही। सहवाग ने गंभीर के अलावा मुरली विजय और राहुल द्रविड़ के साथ दो-दो पारियों में पारी का आगाज किया। गंभीर के साथ अभिनव मुकुंद एक पारी में सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरे थे। तमिलनाडु के मुकुंद और विजय ने छह पारियों में भारतीय पारी की भी शुरुआत की थी। मुकुंद इसके अलावा तीन पारियों में द्रविड़ के सलामी जोड़ीदार बने थे।

इन बाकी पांच जोड़ियों में से केवल गंभीर और मुकुंद ही एक पारी में अर्धशतकीय साझेदारी निभा पाये थे। भारत का इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे में खराब प्रदर्शन का प्रमुख कारण सलामी जोड़ियों का नहीं चल पाना भी रहा।

चयनकर्ताओं ने हालांकि फिर से सहवाग और गंभीर पर भरोसा जताया है तथा उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैच के लिये मुख्य ओपनरों के तौर पर टीम में रखा है। उनके अलावा मुरली विजय और अंजिक्या रहाणे को भी पंद्रह सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।

सहवाग और गंभीर यदि आगामी सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो वे दुनिया की चौथी सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी बन सकते हैं। उन्हें श्रीलंका के मर्वन अटापट्टू और सनथ जयसूर्या (4469 रन) को पीछे छोड़ने के लिये केवल 359 रन की दरकार है। वेस्टइंडीज के गोर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स (6482) दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी है।

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