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सिद्दीकी के खिलाफ नई सरकार को रिपोर्ट देंगे लोकायुक्त

उत्तर प्रदेश के सिंचाई और लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ आय के घोषित स्रोत से अधिक संपत्ति तथा अन्य आरोपों की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय से कराने की सिफारिश राज्य सरकार द्वारा नकार दिए जाने के बाद अब लोकायुक्त नई सिफारिश राज्य में छह मार्च के बाद बनने वाली नई सरकार से करेंगे।

लोकायुक्त एन.के.मेहरोत्रा ने गुरुवार को कहा कि वर्तमान सरकार स्थिर नहीं है और छह मार्च को मतगणना के बाद बनने वाली नई सरकार से मैं सिद्दीकी के खिलाफ जांच कराने की सिफारिश करुंगा।

उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में कई चीजें हैं। उनमें एक तो मुख्यमंत्री मायावती के पास रिपोर्ट की सिफारिश दोबारा भेजने की है। वह राज्यपाल बी.एल.जोशी के पास भी रिपोर्ट भेजना चाहते हैं लेकिन यह बेहतर होगा कि छह मार्च के बाद नई सरकार बनने का इन्तजार किया जाय।

हालांकि मेहरोत्रा ने पहले कहा था कि वह अपनी रिपोर्ट की सिफारिश राज्यपाल को भेजेंगे और उनसे कार्रवाई का आग्रह करेंगे। उन्होंने आय के अज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने तथा अन्य आरोपों पर सिद्दीकी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सीबीआई तथा प्रवर्तन निदेशालय से जांच की सिफारिश मुख्यमंत्री से की थी।

जांच नहीं कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय को चुनौती देते हुए लोकायुक्त ने कहा कि वह इसकी जांच कर सकते हैं। राज्य सरकार ने नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि लोकायुक्त को जांच का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई मंत्रियों के खिलाफ ऐसे ही जांच पर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी गई और उसे स्वीकार करके मंत्री को हटाया भी गया फिर सिद्दीकी के मामले में दोहरा मापदंड कैसे अपनाया जा सकता है।

गौरतलब है कि लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद सुश्री मायावती ने अपने छह मंत्रियों को बर्खास्त किया है।  मेहरोत्रा ने कहा कि लोकायुक्त नियम सात के तहत किसी भी लोक सेवक के खिलाफ जांच की जा सकती है।

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