DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मऊ कैण्ट के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया

सेना के कथित उत्पीड़न और उपेक्षा से परेशान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में शहर विधानसभा क्षेत्र के मऊ कैण्ट गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को मतदान का बहिष्कार किया।
 
गांव वालों का कहना है कि जब तक उनका गांव कैण्ट क्षेत्र से अलग नहीं कर दिया जाता तब तक वे किसी भी मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। मऊ गांव कैण्ट छावनी परिषद के अधीन है। सूत्रों के अनुसार सन् 1911 में सेना ने इस पूरे क्षेत्र को अपने अधीन ले लिया था। तब इस क्षेत्र के रहने वालों को सरकार ने आश्वासन दिया था कि सेना उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगी। गांव वालों के अनुसार उनकी सुरक्षा करने वाले सेना के जवानों से ही वे सबसे ज्यादा भयभीत हैं।
 
उनका कहना है कि सेना के जवान कोई भी बहाना करके किसी भी वक्त घरों में घुस आते हैं और ग्रामीणों से मारपीट करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिलता और गृहकर बढाकर वसूला जाता है। उनके पास राशनकार्ड तक नहीं है। वे दूसरे दर्जे के नागरिक बनकर रह गए हैं। इसीलिए उन्होंने आज मतदान का बहिष्कार किया।
 
उधर कटरा विधानसभा क्षेत्र के भर्तापुर गांव में भी लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। इस गांव का मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए कोई सम्पर्क मार्ग नहीं है। चुनाव में उन्हें मार्ग बनवाने का आश्वासन दिया जाता है लेकिन कुछ नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि वे झूठे आश्वासनों से तंग आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनके गांव की समस्याएं सुलझ नहीं जातीं तब तक वे चुनाव का बहिष्कार करते रहेंगे। इधर थाना सिंधौली के मुजफ्फरपुर गांव के लोगों ने भी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण मतदान का बहिष्कार किया और वोट नहीं डाले। इस क्षेत्र के मतदान केन्द्र सूने पडे़ रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मऊ कैण्ट के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया