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पानी की बर्बादी नहीं रुकी तो आ सकता है जलसंकट

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि विश्व के अनेक हिस्सों में पानी की भारी समस्या है और इसकी बर्बादी नहीं रोकी गई तो स्थिति और विकराल हो जाएगी क्योंकि भोजन की मांग और जलवायु परिवर्तन की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
   
विश्व जल मुद्दे पर सोमवार से शुरू हो रही छह दिवसीय बैठक के ठीक पहले कल शाम जारी एक विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में अनेक भयानक चुनौतियां मुंह बायें खड़ी हैं। इन चुनौतियों में गरीब तबके को स्वच्छ जल और साफ-सफाई की सुविधा मुहैया कराना, विश्व आबादी को खाद्यान्न उपलब्ध कराना, भूमंडलीय तापमान में वृद्धि के दुष्प्रभावों से निपटना शामिल हैं। वर्ष 2050 तक विश्व की आबादी मौजूदा सात अरब से बढ़कर नौ अरब हो जाने की उम्मीद है।
   
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस रिपोर्ट में कहा है, कृषि की बढ़ती जरूरतों, खाद्यान उत्पादन, उर्जा उपभोग, प्रदूषण और जल प्रबंधन की कमजोरियों की वजह से स्वच्छ जल पर दबाव बढ़ रहा है।
   
रिपोर्ट में कहा गया है, जलवायु परिवर्तन एक वास्तवित और लगातार बढ़ रहा खतरा है। बिना बेहतर योजना और संयोजन के लाखों लोगों को भुखमरी, बीमारियों, उर्जा की कमी और गरीबी से जूझना पड़ेगा।  

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