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सुकून से सराबोर है जमाली कमाली

गाड़ियों के शोर, ट्रैफिक जाम, रोजमर्रा की परेशानियों के बीच हांफती-दौड़ती दिल्ली में एक ऐसी जगह भी है, जहां केवल सुकून और शांति है। वो जगह है दक्षिण दिल्ली के महरौली में स्थित जमाली कमाली। यहां की तमाम खासियत बता रही हैं शुभा दुबे

जमाली कमाली बेहद खूबसूरत होने के साथ ही ऐतिहासिक भी है। लेकिन इसे इतिहास के पन्नों में भी इतनी अहमियत नहीं दी गई कि लोग इसे पहचान पाएं। जमाली कमाली मस्जिद और मकबरा, सिंकदर लोधी की हुकूमत के दौर के सूफी संत जमाली और उनके साथी कमाली को समर्पित है। महरौली के डीडीए पार्क में स्थित इस इमारत के साथ-साथ यहां बलबन के मकबरे के अवशेष भी मौजूद हैं। कई सालों तक घनी हरियाली में दफन इन ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण की शुरुआत 2001-02 में की गई। आज यहां एक बेहद खूबसूरत पार्क का निर्माण किया जा चुका है। डीडीए द्वारा निर्मित इस पार्क के चारों और एक ऐसे इतिहास की महक है जिसे अभी तक कुरेदा नहीं गया।

क्या कहता है इतिहास?
सूफी संत जमाली लोधी हुकूमत के राज कवि थे। इसके बाद बाबर और उनके बेटे हुमायूं के राज तक जमाली को काफी तवज्जो दी गई। माना जाता है कि जमाली के मकबरे का निर्माण हुमायूं के राज के दौरान पूरा किया गया। मकबरे में दो संगमरमर की कब्र हैं, एक जमाली की और दूसरी कमाली की। जमाली कमाली मस्जिद का निर्माण 1528-29 में किया गया था। यह मस्जिद लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है।

क्या है खास?
जमाली कमाली की खासियत है यहां की शांति, आंखों को सुकून देती हरियाली और खूबसूरत इमारतें। अगर आप अपने वीकएंड पर मॉल जैसी जगहों पर जाकर ऊब चुके हैं तो जमाली कमाली आपके लिए एक नया एहसास होगी। अपने परिवार या अपने दोस्तों के साथ पिकनिक बनाने के लिहाज से यह जगह एकदम परफेक्ट है। घास के टीलों पर बैठकर आप जमाली कमाली ही नहीं कुतुब मीनार का भी नजारा ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि अगर आप यहां जा रहें हैं तो खाने पीने का सामान साथ ले जाएं। संरक्षित इमारत होने के कारण आपको जमाली कमाली कॉम्पलेक्स में खाने के मामले में निराश होना पड़ेगा।

आसपास हैं कई दार्शनिक स्थल
अगर आप जमाली कमाली में हैं तो कुतुब मीनार और अहिंसा स्थल भी जा सकते हैं। महरौली-गुड़गांव रोड पर स्थित इसके गेट के सामने ही अहिंसा स्थल है। महावीर जी को समर्पित यह जगह बेहद सुंदर है। दिल्ली की पहचान कुतुब मीनार भी जमाली कमाली के नजदीक है। तो आप अपनी इस वीकेंड ट्रिप में कुतुब मीनार को भी शामिल कर सकते हैं।

कैसे पहुंचें?
जमाली कमाली जाने के लिए आप साकेत या कुतुब मेट्रो स्टेशन पर उतर कर ऑटो कर सकते हैं। इस पार्क के 3 गेट हैं। पहला महरौली-गुड़गांव रोड पर, दूसरा महरौली-फूल मंडी के सामने और तीसरा महरौली गांव से। आप यहां 502, 413, 427, 715 नंबर बस से भी पहुंच सकते हैं।

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