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आतंकवाद की नई नर्सरी तो नहीं बन रहा दरभंगा!

हाल के दिनों में आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन से ताल्लुक रखने वाले 13 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इनमें से 12 का बिहार के दरभंगा का निवासी होना संदेह पैदा करता है कि मिथिलांचल का यह पौराणिक शहर कहीं ‘आतंकवाद की नई नर्सरी’ तो नहीं बन रहा।

हाल के दिनों में हुई ये गिरफ्तारियां इस बात की ओर संकेत कर रही हैं कि इंडियन मुजाहिद्दीन की इस शहर को अपना नया गढ़ बनाने की तैयारी काफी लम्बे समय से चल रही है। देश में विभिन्न जगहों पर हुए बम विस्फोटों में कथित संलिप्तता के आरोप में पिछले छह महीने में गिरफ्तार हुए लोगों में असादुल्लाह रहमान उर्फ दिलकश, कफील अहमद, तलहा अब्दाली उर्फ इसरार, मोहम्मद तारिक अंजुमन, हारुन राशिद नाइक, नकी अहमद, वसी अहमद शेख, नदीम अख्तर अशफाक शेख, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद इरशाद, गयूर अहमद जमाली और आफताब आलम उर्फ फारूक शामिल हैं। इनमें से एक मोहम्मद आदिल पाकिस्तान के कराची का रहने वाला है, बाकी 12 दरभंगा के बाशिंदे हैं।

इन 13 संदिग्ध आतंकवादियों में से छह दिल्ली की तिहाड़ जेल में, चार बेंगलुरू और तीन मुम्बई की जेल में बंद हैं। ‘आतंकवाद की नई नर्सरी’ के लिए इंडियन मुजाहिदीन ने कथित रूप से दरभंगा को ही क्यों चुना? इस पर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है।

मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख राकेश मारिया ने कहा कि इंडियन मुजाहिद्दीन का शातिर सदस्य अहमद सिद्दी बप्पा उर्फ यासीन भटकल ने बेरोजगार युवाओं को गुमराह कर आतंकवाद का प्रशिक्षण देने के लिए बिहार के दरभंगा जिले को चुना।

वहीं, खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख अजित डोभाल की बात थोड़ी जुदा है। उन्होंने कहा, ‘इंडियन मुजाहिद्दीन के सदस्य अपना हित साधने के लिए मुस्लिमों की घनी आबादी वाले इलाकों को अपना निशाना बनाते हैं। इसमें वे दकियानूसी लोगों की मदद लेते हैं और गुमराह नौजवानों के दिलों में नफरत की आग पैदा करते हैं और उनके दिमाग में आतंकवाद का जहर भरते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जब सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) पर प्रतिबंध लगा, उसके बाद 2001 से आतंकवादी नए ठिकाने के तौर पर दरभंगा को निशाना बनाते रहे हैं।’ खुफिया ब्यूरो की अनुसंधान एवं विश्लेषण इकाई में कार्य कर चुके अरुण भगत ने कहा कि आतंकवादी संगठन रानी मधुमक्खी की तरह काम करते हैं।

भगत ने कहा, ‘इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे संगठन मुस्लिम बहुल इलाकों की व्यवस्थित भौगोलिक खोज के बाद वहां एक मुख्य ठिकाना बनाना शुरू करते हैं और नए सदस्यों को भर्ती करते हैं। इसी प्रकिया के तहत दरभंगा उनके मानचित्र पर आया। हाल में पकड़े गए सदस्यों में से अधिकांश का ताल्लुक दरभंगा से होने की यही वजह है।’

दरभंगा पटना से 132किलोमीटर की दूरी पर स्थित मिथिलांचल की घनी आबादी वाला शहर है। वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक यहां की आबादी 32 लाख है। 1991 की जनगणना के मुताबिक दरभंगा में मुस्लिमों की संख्या 555429 से अधिक है। एक दशक पहले की इस संख्या से मौजूदा आबादी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कुछ लोगों का मत है कि दरभंगी खां ने इस शहर को बसाया था, इसलिए इसका नाम दरभंगा पड़ा, जबकि संस्कृत पंडितों का मानना है कि ‘द्वारबंगम्’ (बंगाल का द्वार) बाद में दरभंगा कहलाने लगा।

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