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आखिरी मौका नहीं गंवाउंगा: सुरंजय

छोटा टायसन के नाम से मशहूर भारतीय मुक्केबाज एम सुरंजय सिंह (52 किग्रा) किसी भी हालत में अप्रैल में होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर में लंदन ओलंपिक 2012 का टिकट कटाने के अंतिम मौके को हाथ से नहीं गंवाना चाहते और इसके लिये उन्हें आक्रामकता अपनाने से भी कोई गुरेज नहीं है।
   
पांच से 12 अप्रैल तक कजाखस्तान के अस्ताना में होने वाले एशियाई महाद्वीपिय ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट प्रतियोगिता में 52 किग्रा वर्ग में चार मुक्केबाजों को ओलंपिक कोटा मिलेगा जिससे सुरंजय की निगाहें कांस्य पदक प्राप्त कर लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर लगी हैं।
   
पूर्व एशियाई चैम्पियन सुरंजय ने पटियाला से विशेष बातचीत में कहा कि हर कोई ओलंपिक कोटा हासिल करने की कोशिश में जुटा है और मैं भी ऐसा ही करना चाहता हूं इसलिए मेरे लिए सबसे पहला कदम ओलंपिक क्वालीफायर में कांस्य पदक हासिल करना होगा। सेमीफाइनल में पहुंचने से मुझे कोटा मिल जाएगा।
   
भारतीय टीम एक अप्रैल को कजाखस्तान के लिए रवाना होगी ताकि वह टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वहां के हालात से सामंजस्य बिठा सके। सुरंजय अब किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहते क्योंकि इससे पहले भी उनका ओलंपिक में खेलने का सपना टूट चुका है। राष्ट्रमंडल खेल 2010 के स्वर्ण पदक विजेता ने कहा कि मैं बाउट के दौरान आक्रामकता जारी रखना चाहूंगा क्योंकि अब नई स्कोरिंग प्रणाली में तगड़े पंच पर ज्यादा अंक मिलते हैं। मैं इस बार कोई भूल नहीं करना चाहूंगा।

नाटे कद का मणिपुरी मुक्केबाज सुरंजय लगातार स्वर्ण पदक जीतने के लिए भी काफी मशहूर रहा है, लेकिन अब उनकी कोशिश कांस्य पदक जीतने की है ताकि वह अपना ओलंपिक ख्वाब पूरा कर सकें तथा इसके बाद ही स्वर्ण पदक हासिल करने का प्रयास करेंगे।
    
भारतीय टीम इस क्वालीफायर में छह भार वर्गों में भाग लेगी जिसमें सुरंजय क्वालीफाई करने के प्रबल दावेदार दिख रहे हैं। वह जानते हैं कि टूर्नामेंट में उन्हें कड़ी चुनौती मिलेगी और इसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं। वह मुख्य राष्ट्रीय कोच जीएस संधू की अगुवाई में कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं जिसमें विभिन्न तरह की तकनीकी ट्रेनिंग भी शामिल है। 
    
उन्होंने कहा कि पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में मैं चूक गया था, लेकिन मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं। कोच ने ओलंपिक क्वालीफाई कर चुके मुक्केबाजों के लिए अलग और जिन्हें क्वालीफाई करना है, उनके लिए अगल ट्रेनिंग कार्यक्रम बनाया है। हम सभी कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं और उम्मीद है कि छह में से कुछ कोटे हासिल कर सकें।
  
सुरंजय ने कहा कि फुटवर्क में थोड़ा और ध्यान दे रहा हूं, उम्मीद करता हूं कि मेरी मेहनत का फल मिल जाये। भारत की ओर से विकास कष्ण (69 किग्रा), मनोज कुमार (64 किग्रा), जय भगवान (60 किग्रा) और एल देवेंद्रो सिंह (49 किग्रा) पिछले साल अक्टूबर में पहले ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के जरिए लंदन ओलंपिक में जगह बना चुके हैं।   

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