पीयू कर्मचारी पेंशन अधिसूचना को चुनौती - पीयू कर्मचारी पेंशन अधिसूचना को चुनौती DA Image
12 नबम्बर, 2019|2:24|IST

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पीयू कर्मचारी पेंशन अधिसूचना को चुनौती

चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के तीन दिवंगत कर्मचारियों की विधवाओं द्वारा पंजाब विश्वविद्यालय कर्मचारी नियमांवली 1991 के नियम 5.2 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। इस नियम को केन्द्र सरकार के गजट में 23 फरवरी 2006 को प्रकाशित किया गया था और यह विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की पारिवारिक पेंशन से है। याचिकाकर्ता सरोज दुमीर, वीना मल्लिक और शांता नारायण ने कहा कि इन नियमों में पिछली तिथि से किए गए प्रावधानों के अनुसार पारिवारिक पेंशन केवल तभी मिलेगी यदि अवकाश प्राप्त कर्मचारी को यह मृत्यु के समय उपलब्ध थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस पारिवारिक पेंशन से उन विधवाओं को वंचित किया जा रहा है जिनके पति या तो सेवाकाल के दौरान मर चुके थे या फिर रिटायर होने के पश्चात मरे किंतु नई पेंशन स्कीम के लागू किये जाने से पूर्व चल बसे थे। इनका यह भी कहना है कि पेंशन का लाभ रिटायर हो चुके और कार्यरत कर्मचारियों को पिछली तिथि से इस शर्त पर लागू किया गया है कि यूनिवर्सिटी कर्मचारियों के हिस्से का प्रोविडेंट फंड ब्याज सहित जमा करवाए, इसलिए यह पेंशन लाभ उन परिवारों को देने से नहीं रोका जा सकता जिनकी मृत्युसेवाकाल के दौरान अथवा रिटायर होने के पश्चात हुई है। मुख्य न्यायधीश मुकुल मुदगिल व न्यायधीश जसबीर सिंह के बैंच ने 26 मार्च 2010 के लिए पंजाब विश्चविद्यालय के उप कुलपति और रजिस्ट्रार को नोटिस भेजकर जवाब देने को कहा है।

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