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लोजपा कार्यकर्ताओं का राजधानी की सड़कों पर कब्जा महिलाओं की टोली

पटना(हि. ब्यू.)

दलितों के सवाल पर रामविलास पासवान सड़क पर उतरे तो लोजपा कार्यकर्ताओं का राजधानी की सड़कों पर कब्जा हो गया। विधानसभा का घेराव करने के लिए गुरुवार को दलित मार्च में शामिल कार्यकर्ता गांधी मैदान से निकले तो एक जुलूस की शक्ल में लेकिन जेपी गोलंबर पहुंचते ही सबने अपनी अलग राह पकड़ ली। खुद के साथियों की भीड़ में फंसी कार्यकर्ताओं की जिस टोली को जो राह खाली मिली उधर ही कारवां निकल पड़ा।

महिलाओं की एक टोली ने तो ऐसी चतुराई दिखाई कि वह विधानसभा के गेट तक पहुंच गई। बाद में सचिवालय थाने की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सबसे पिछली टोली के साथ खुली जीप पर चल रहे थे राम विलास पासवान और साथ में थे राजद के प्रधान महासचिव राम कृपाल यादव। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने भी मार्च के दौरान श्री पासवान से मोबाइल पर बात की। उन्होंने मार्च की सफलता के लिए श्री पासवान को बधाई दी और अपना भरपूर समर्थन जताया। लोजपा के दलित मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं को डाकबंगला चौराहा पास करने में लगभग एक घंटा से अधिक समय लग गया। यह स्थिति तब थी जब सबसे बढ़ा जत्था जेपी गोलंबर से ही अलग हो गया और जो छज्जूबाग के रास्ते आर ब्लॉक चौराहा पहुंचा।

सरकार विरोधी नारे सड़कों पर गूंज रहे थे। मार्च में शामिल होने पटना आ रहे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की गाडिम्यों को शहर के बाहर कई स्थानों पर रोकने की खबर पहुंचते ही मार्च में शामिल लोग साधु पासवान के नेतृत्व में कुछ देर के लिए स्टेशन रोड में धरने पर बैठ गये। बाद में श्री पासवान के समझाने पर वहां से काफिला आगे बढ़ा। हलांकि मार्च शुरू होते ही श्री पासवान ने गांधी मैदान में कार्यकर्ताओं की शांति पूर्वक विधानसभा घेराव करने की अपील की थी। बाद में नगर पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने आर ब्लॉक चौराहा पर पहुंचकर श्री पासवान सहित सभी आंदोलनकारियों का गिरफतार कर रिहा करने की घोषणा की तो आंदोलन समाप्त हुआ। मार्च में शैलेंद्र प्रताप, केशव सिंह, ललन चन्द्रवंशी, बी. के. सिंह और अनंत गुप्ता, चिन्टू कुमार आदि शामिल थे।

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