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हाईटेक था हेडली

-इलेक्ट्रानिक डेड ड्राप पद्धति से भेजे ईमेलनई दिल्ली। डेविड हेडली ने निगरानी से बचने के कई हाईटेक तरीके अपनाए और पाकिस्तान में सहयोगियों से सूचना के आदान-प्रदान में काफी सावधानी बरती। यह बात अमेरिकी थिंक टैंक स्ट्रैटफार ने कही है। हेडली ने इलेक्ट्रानिक डेड ड्राप पद्धति का उपयोग किया। इसमें ई-मेल भेजे बिना एक से दूसरे व्यक्ति में संदेशों का आदान-प्रदान होता है। इस प्रकार उसने अपने पकड़े जाने की संभावना को खत्म कर दिया।स्ट्रैटफार ने कहा कि संचार सुविधा मुहैया कराने के अतिरिक्त डेड ड्राप का प्रयोग नोट को सुरक्षित करने में किया जा सकता है जिसे कोई आतंकवादी पकड़े जाने के भय से साथ लेकर नहीं चलता है। रिपोर्ट में कहा है, सबसे संवेदनशील संचार और योजना गतिविधियों के लिए हेडली ने लश्कर और हूजी नेताओं से मुलाकात के लिए पाक की यात्राा की। संचार का यह काफी सुरक्षित तरीका है। कैसे है कारगरसंचार पद्धति से संदेश लिखकर भेजने के बजाए वेब मेल सेवा के ड्राफ्ट फोल्डर में सुरक्षित रखने के बाद सहयोगी को वेब मेल का प्रयोग करने के लिए यूजर नेम और पासवर्ड बता यिा जाता है। इससे दूसरा व्यक्ति ड्राफ्ट फोल्डर का संदेश पढ़ सकता है। इस पद्धति को इलेक्ट्रानिक डेड ड्राप कहते हैं

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