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जलवायु परिवर्तन पर उचित समझौते पर जोर दे भारत :

नई दिल्ली (आईएएनएस)। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अर्मत्य सेन ने गुरुवार को कहा कि भारत को उचित एवं न्यायसंगत अंतर्राष्ट्रीय जलवायु समझौते का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदूषण के लिए ज्यादा उत्तरदायी नहीं होने के बावजूद उसे कुछ अनिवार्य दायित्वों का वहन करना चाहिए।सेन ने यहां एस्पेन इंस्टीट्यूट इंडिया नाम की प्रमुख संस्था की ओर से आयोजित समारोह में कहा, ‘भारत को जलवायु परिवर्तन पर उचित और न्यायसंगत समझौते पर पहुंचने की कोशिश करने की जरूरत है।’ हावर्ड विश्वविद्यालय में इतिहास और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सेन ने कहा, ‘प्रदूषण के लिए भारत ज्यादा जिम्मेदार नहीं है, लेकिन वह यह कहकर बच नहीं सकता कि वह बाध्यकारी दायित्व पूरा नहीं करेगा।..’उन्होंने जोर देकर कहा, ‘हम यह नहीं कह सकते कि हम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। नहीं तो कोई भी समझौता नहीं हो सकेगा।’ ग्लोबल क्लाइमेट जस्टिस के लेखक ने संकेत दिया कि भारत और चीन की ओर से प्रतिबद्धताएं व्यक्त नहीं होने की सूरत में अमेरिका किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा। सेन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत कार्बन कटौती प्रतिबद्धताओं स्वीकार करने के लिए विकसित देशों की ओर से दबाव में है।

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