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बिहार में एम्स के लिए सांसदों की गोलबंदी

पटना(हि.ब्यू.)। मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज को एम्स की तर्ज पर विकसित करने के सवाल पर राज्य के सांसद गोलबंद हो रहे हैं। शुक्रवार को दर्जन से अधिक सांसदों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग रखी। राज्य में एम्स के स्तर का एक भी अस्पताल नहीं है। देश के अन्य राज्यों में 14 अस्पतालों को अपग्रेड कर एम्स का दर्जा दिया गया है।पत्र पर सांसद प्रो. रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह, हरि मांझी, अश्वमेघ देवी, कौशलेंद्र कुमार, कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद, अर्जुन राय, महाबल मिश्रा, प्रदीप कुमार सिंह, मीना सिंह एवं भूदेव चौधरी सहित अन्य सांसदों के हस्ताक्षर हैं। पत्र में प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई है कि एसकेएमसीएच हर तरह से एम्स का दर्जा हासिल करने की पात्रता रखता है। यह इस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और एनएच 77 के जंक्शन पर है। अस्पताल के पास 175 एकड़ जमीन है। 600 बेड हैं और रोजाना 2500 मरीज आउटडोर में इलाज के लिए आते हैं। यहां एम्स स्तर का अस्पताल न रहने के कारण ही दिल्ली के एम्स में बिहार के मरीजों की भीड़ रहती है। खासकर गरीब मरीजों को दिल्ली जाकर इलाज कराने में काफी असुविधा होती है। इस संदर्भ में बिहार सरकार ने भी एक पत्र केंद्र सरकार को भेजा है। इस अस्पताल को एम्स के तौर पर अपग्रेड कर देने से उत्तर बिहार की चार करोड़ आबादी के साथ-साथ नेपाल की डेढ़ करोड़ आबादी को भी लाभ मिलेगा।

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  • Web Title: बिहार में एम्स के लिए सांसदों की गोलबंदी