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नाश्ता करना भी हुआ दुभर

मंहगाई की मार ने लंच, डीनर का तो पहले ही हाल-बेहाल किया हुआ है। उसपर अब आम आदमी के लिए हल्का-फुल्का खाना यानी नाश्ता करना भी दुभर हो गया है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ समय के दौरान ब्रेड की कीमतों में दो रुपए का उछाल आ गया है जबकि अंडे ने तो दाम के मामले में हद ही पार कर दी है।प्रति अंडे का दाम इस समय पौने चार रुपए से चार रुपए तक पहुंच गया है। उधर, नाश्ते की थाली में खुशबू बिखरने वाला मक्खन सप्लाई की कमी के चलते बाजार से गायब हुआ पड़ा है। हालत यह है कि मक्खन की कमी के चलते शहरवासियों को जैम, चटनी जैसे खाद्य पदार्थो से काम चलाना पड़ रहा है।यह पहला मौका है, जब नाश्ते की थाली पर इस तरह से ग्रहण लगा है। कुछ महीने पहले दूध व दूध उत्पादों की बढ़ती मांग के चलते ही विभिन्न कंपनियों ने दूध के दाम में एक रुपए की बढ़ोतरी की थी। कोशिश यही थी कि मांग में थोड़ी गिरावट आए ताकि दूध से बनने वाले उत्पादों की सप्लाई को सुधारा जा सके। यह अलग बात है कि यह कोशिश पूरी तरह नाकाम साबित हुई।नतीजा, अब आलम यह है कि दूध से बनने वाले उत्पादों के लिए कंपनियों को पर्याप्त फैट नहीं मिल पा रहा। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों से मक्खन और देसी घी जैसे उत्पादों की शॉर्टेज हो रही है। चूंकि मक्खन की डिमांड रोजाना है, इसलिए विभिन्न कंपनियां मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं दे पा रही हैं।आंकड़ों की मानें तो नार्थ इंडिया में मक्खन की सप्लाई को लेकर अमूल सबसे बड़ा प्लेयर है। करीब 60 फीसदी सप्लाई अमूल द्वारा की जाती है लेकिन पिछले कुछ महीनों के दौरान अमूल उतनी तदाद में मक्खन की सप्लाई नहीं कर पा रहा है, जितनी डिमांड है। ऐसे में, इसका दबाव वेरका मक्खन पर पड़ा है।वेरका भी इस क्षेत्र में मक्खन का बड़ा सप्लायर है लेकिन डिमांड के अनुरूप वेरका द्वारा भी मक्खन की सप्लाई नहीं हो पा रही है। मक्खन की डिमांड को पूरा करने के लिए फैट की कमी वेरका के भी आड़े आ रही है। यही वजह है कि मौजूदा समय में मक्खन की किल्लत बरकरार है। इसके चलते 10 ग्राम की पैकिंग तो बाजार से पूरी तरह नदारद हो चुकी है जबकि 100 ग्राम और 500 ग्राम की पैकिंग खरीदने के लिए कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।अंडे ने नया रिकॉर्ड अंडे के दामों में आए उछाल ने ‘संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ के अर्थो को बदल कर रख दिया है। मौजूदा समय में शहर की विभिन्न मार्केट्स में अंडे के दाम 42 रुपए से 48 रुपए प्रति दर्जन के करीब पहुंच गए हैं। नतीजा, आम आदमी के लिए रोजाना नाश्ते में अंडे खाना मुमकिन नहीं हो पा रहा।नागपाल फ्रोजन फूड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर साहिल नागपाल के मुताबिक अंडे के दामों में काफी तेजी आई है। कुछ समय पहले तक अंडे के दाम 32 रुपए से 35 रुपए प्रति दर्जन थे लेकिन अब यह 42 रुपए से 48 रुपए प्रति दर्जन तक पहुंच गए हैं। चूंकि सर्दी के मौसम ने भी दस्तक दे दी है, इसलिए अंडे की डिमांड में भी काफी इजाफा हो गया है। साफ है कि दाम में तेजी का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।

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