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राज्य में खुलेंगे और 98 किसान विद्यालय

राज्य के विभिन्न जिलों में और 98 किसान विद्यालय खुलेंगे। इसके लिए 49.89 लाख रुपये का आवंटन कर दिया गया है। इसके माध्यम से आसपास के किसानों को कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य आदि की नई तकनीकी जानकारी दी जाएगी।फसल कटनी के बाद की तकनीक एवं प्रबंधन, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन करने, कृषि बाजार, मौसम एवं कृषि संबंधी विभागीय योजनाओं की चर्चा भी मौके पर होगी। इसका संचालन प्रगतिशील एवं अनुभवी किसान करेंगे। अभी छह जिलों में 18 विद्यालय चल रहे हैं।आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर नवीनतम एवं परंपरागत कृषि तकनीक का ज्ञान केंद्र के रूप में इसे विकसित करने का उद्देश्य भी है।खाद्यान्न उत्पादन पर पड़ेगा प्रभाव‘किसान विद्यालय कृषकों द्वारा, कृषकों के लिए तकनीकी प्रचार-प्रसार की प्रभावी एवं सुनियोजित व्यवस्था विकसित करने का प्रयास है।इसके माध्यम से प्रगतिशील एवं अनुभवी किसानों द्वारा साथी किसानों की समस्याओं को सुलझाने एवं अनुभवों को बांटने का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर राज्य के खाद्यान्न उत्पादन पर भी पड़ेगा। इसमें वृद्धि होगी।’ - गोकुल मेहरा, स्टेट नोडल पदाधिकारी, एक्सटेंशन रिफोर्म्सनई तकनीक बताई जाती है‘फसल सीजन पर बैठक कर किसानों को उन्नत बीज, खाद का उपयोग, फसलों उत्पादन की नई तकनीक एवं उसमें लगने वाली बीमारी से बचने के उपाय के बारे में बताया जाता है।किसान इसे अपने खेतों में अपनाते हैं। विद्यालय से 150 किसान जुड़े हुए हैं। मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं आत्मा के लोग भी आते हैं।’- फुलेश्वर महतो, संचालक, कृषि पाठशाला, चुरचु, हजारीबागजिला विद्यालय की संख्यादुमका 06जामताड़ा 03प. सिंहभूम 08पलामू 06चतरा 05गढ़वा 08हजारीबाग 06सरायकेला 05रांची 08सिमडेगा 04लोहरदगा 03पाकुड़ 03धनबाद 04गिरिडीह 06कोडरमा 03गोड्डा 05बोकारो 04पू. सिंहभूम 05

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