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छात्रों की भूख हड़ताल से बिफरा एनआईटी प्रबंधन

एनआईटी में छात्रों की भूख हड़ताल को लेकर अब संस्थान प्रबंधन का धर्य जबाव देने लगा है। छात्रों को समझाने के सभी प्रयास विफल होने से पदाधिकारी खिन्न हैं। छात्रों को समझाने का सभी प्रयास विफल हो चुका है। वहीं लगातार सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे आर्किटेक्चर छात्रों की स्थिति अब बिगड़ने लगी है। उनकी आंखों के नीचे आए काले घेरे इसकी गवाही दे रहे हैं लेकिन छात्रों का धर्य अभी भी बरकरार है।सातवें दिन एक छात्र की स्थिति बिगड़ने के कारण उसे पीएमसीएच में भर्ती कराना पड़ा।संस्थान प्रबंधन छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पाने के कारण परेशान है। इससे पदाधिकारियों का धैर्य जबाव देने लगा है। सोमवार को इसका नजारा घटना देखने को मिला। निदेशक डा. यूसी रे व अन्य पदाधिकारी छात्रों को परिसर से धरना समाप्त करने को कह रहे थे। उसी समय एक चैनल की टीम वहां पहुंची और संस्थान प्रबंधन द्वारा चलाई जा रही मुहिम को कवर करना शुरू कर दिया। इसके बाद तो पदाधिकारी आपे से बाहर हो गए।उन्होंने अपने गार्ड से कैमरामैन को संस्थान परिसर से बाहर करने को कहा। घटना कवर कर रहे फोटोग्राफर को इससे काफी चोट आयी और उसका कैमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद धरना पर बैठे छात्रों ने कहा कि संस्थान प्रबंधन अब जबर्दस्ती आंदोलन को समाप्त करने को कह रहा है। हमलोग अपना आंदोलन तब तक वापस नहीं लेंगे जब तक आर्किटेक्चर कोर्स को मान्यता नहीं मिलेगी।एनआईटी के छात्र नेता इं. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि मीडियाकर्मियों पर हमले से स्थिति और बिगड़ेगी और छात्रों की जायज मांगों को उचित मंच पर उठाने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय व काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर के खिलाफ है।

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