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दिल्ली में बिजली की बढ़ी दरें वापस ली गई

दिल्ली में बिजली की बढ़ी दरें वापस ली गई

दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली की दरें सात प्रतिशत बढ़ाने के अपने फैसले को आज वापस ले लिया। डीईआरसी के गुरुवार शाम लिये गये अनुसार बिजली की दरें 15 नवम्बर से सात प्रतिशत की बढोतरी के साथ लागू की जानी थी।
   
आयोग सूत्रों ने बताया कि बिजली की दरों में वृद्धि नहीं करने कायह फैसला दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों के दबाव के बाद लिया है।
     
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बिजली की दरें बढ़ाने के फैसले के तत्काल बाद गुरुवार को कहा था कि वह इस मामले में ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल तथा दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात करेंगे। भाजपा के साथ ही कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की थी।
       
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद बिजली दरों में कटौती का फैसला लिया था लेकिन सत्ता में आने के बाद यह पार्टी अपने वादे भूल गई है। उन्होंने दिल्ली की जनता को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी सत्ता में आएगी तो बिजली की कीमतें आधी की जाएगी। भाजपा में केजरीवाल के बयान के बाद हडकंप मच गया था।
    
गौरतलब है कि आयोग ने बिजली की दरें बढ़ाते हुए गुरुवार को कहा था कि यह वृद्धि बिजली खरीद लागत बढ़ाने से की जा रही है। इस प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली नगर पालिका परिषद में बिजली की आपूर्ति करने वाली टाटा पॉवर का ढ़ाई प्रतिशत बढ़ाने की योजना थी। अनिल अंबानी की बीएसईएस राजधानी में साढ़े चार प्रतिशत और बीएसईएस यमुना सात प्रतिशत तक महंगी होगी।

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