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1 अप्रैल, 2020|2:44|IST

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संभलकर करो मानसून में मस्ती

संभलकर करो मानसून में मस्ती

बारिश हम सभी को बहुत अच्छी लगती है। लेकिन यह एक ऐसा मौसम है, जिसमें तुम्हें अपना सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।

चाहे स्कूल हो या घर, बरसात के मौसम में जितनी ज्यादा सफाई और खाने का ख्याल रखोगे, उतनी ज्यादा मस्ती कर पाओगे। आज शुभा दुबे तुम्हें बताएंगी कि मानसून की मस्ती को कम किए बिना तुम किस तरह अपना ध्यान रख सकते हो।

भरे हुए पानी से बचो
बारिश में हर जगह पानी भर जाता है। घरों के बाहर, सड़क के गड्ढों में हर जगह छोटी सी झील बन जाती है और तुम्हें उस भरे हुए पानी में नाव चलाना या पानी में छपछप करने में बड़ा मजा आता है। लेकिन ध्यान रहे कि ये भरा हुआ पानी बेहद खतरनाक होता है। बारिश के बाद जो मच्छर तुम्हें काटते हैं, ये इसी पानी में होते हैं, जिनके काटने से हमें मलेरिया, डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियां हो जाती हैं। इससे भी डरावनी बात कि यह पानी बेहद गंदा होता है, सड़क की सारी गंदगी और यहां तक कि गटर का पानी भी कभी-कभी इसमें मिल जाता है, जिससे तुम्हें कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।

पानी हो एकदम साफ
बारिश में सबसे ज्यादा खतरा गंदे पानी से होने वाली बीमारियों से होता है, इसलिए तुम्हें ध्यान रखना होगा कि हमेशा साफ पानी पियो। स्कूल या फिर कहीं और जाते वक्त तुम्हें अपने साथ उबले हुए या वॉटर प्यूरिफाइर वाले पानी को अपनी बोतल में भर कर ले जाना है। पानी को उबालने से उसके अंदर छिपे सारे कीटाणुओं का नाश हो जाएगा और तुम बीमारियों से सुरक्षित हो जाओगे।

घर का खाना है सबसे अच्छा
बाहर का चटपटा खाना तुम सबको अच्छा लगता होगा, लेकिन बारिश के मौसम में घर में मम्मी के हाथ का बना खाना ही खाना। बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा लोग बाहर का खाना खाने से ही बीमार पड़ते हैं। तुम जो भी खाना खाना चाहो उसे मम्मी से घर पर ही बनवाओ, क्योंकि बाहर खाने का मतलब है टाइफाइड जैसी बीमारियों को अपने पास बुलाना।

मच्छरों को दूर भगाओ
बरसात के बाद अगर तुम्हारे घर के आसपास पानी भर गया है तो  किसी बड़े को बोलकर उसे साफ करवाओ, क्योंकि सारी बीमारियां इन मच्छरों की ही देन होती हैं। अगर तुम्हारे आसपास फिर भी मच्छर हैं तो उनसे बचने वाली क्रीम लगाओ या मच्छर से बचने वाली दवाई डलवालो, वरना तुम्हारा बीमार पड़ना तय है और फिर अगले साल तक बारिश की मस्ती का इंतजार करना पड़ेगा।

नाखून खाना मना है
अगर तुम्हें नाखून खाने की गंदी आदत है तो इसे अभी छोड़ दो, नहीं तो कई बीमारियां तुम पर एक साथ हमला कर देंगी। अपने नाखूनों को नियमित रूप से काटो और अगर उनमें बारिश का कीचड़ फंसा हुआ है तो उसे साफ करवाओ। अगर तुम नाखूनों को खाओगे तो सारी गंदगी तुम्हारे पेट में चली जाएगी।

दूध बिना नो मस्ती
बारिश के बाद तुम सबको ठंड तो जरूर लगती होगी और इस ठंडी से छुटकारा पाने के लिए एक गिलास गर्म दूध रोज सुबह और रात में पीना सबसे अच्छा तरीका है। अगर दिन में कभी भी तुम बारिश में भीगते हो तो घर आकर सबसे पहले कपड़े बदलो और फिर एक गिलास गर्म दूध थोड़ी-सी हल्दी मिला कर पियो। ये तुम्हें सर्दी और खांसी से बचाकर रखेगा।

चिडियों का मानसून
तुम बरसात के इस मौसम में न जाने कितनी बार जब-तब भीगते होगे। कभी स्कूल से लौटते समय हो रही बारिश के पानी में, तो कभी अपने आसपास के मैदान में खेलते-कूदते समय। लेकिन तुम तो भागकर घर आ जाते हो। लेकिन क्या तुमने कभी पक्षियों के बारे में सोचा है, जो इस बारिश में कैसे रहते हैं और क्या करते हैं? दरअसल, मौसम या वातावरण में किसी भी तरह के बदलाव का सबसे पहला असर पक्षियों पर पड़ता है। जब बहुत बारिश हो रही होती है तो अधिकतर चिडियां अपने घोंसले से बाहर नहीं निकलती हैं। बारिश में पक्षियों की आवाज यानी कलरव वातावरण को एक अलग एहसास देता है। इन पक्षियों पर बारिश के मौसम में खतरे भी कम नहीं हैं। कई बार ओलावृष्टि से इनकी मौत हो जाती है। कई बार इनके घोंसले तेज हवा और पानी की वजह से टूट भी जाते हैं। इन्हें फिर से अपना घोंसला बनाना होता है। बरसात में ये पक्षी मस्ती भी करते हैं। गौरैया, मैना, मोर और अन्य ढेरों पक्षी हैं जो पानी में खूब अठखेलियां करते हैं। एक मजे की बात यह है कि बाज या गरुड़ (ईगल) बारिश से बचने के लिए बादलों के ऊ पर चले जाते हैं।

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