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30 मार्च, 2021|1:16|IST

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टीम वर्क से पाएं हर लक्ष्य

किसी भी संस्था के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए टीम वर्क की अहमियत को समझना बेहद जरूरी है। संकटपूर्ण स्थितियों में टीम भावना से किया काम सफलता को सुनिश्चित करता है। यह वह स्थिति होती है, जिसमें सभी की जीत होती है। कैसे, बता रही हैं दीपा

अमरीकी उद्यमी एंड्रयू कार्नेगी के अनुसार, एक साझा उद्देश्य के लिए साथ काम करने की प्रक्रिया ही टीम वर्क है। साथ ही यह व्यक्तियों को संगठनात्मक लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करने का नाम भी है। ऐसे समय में जब संस्थाएं वैश्विक स्वरूप धारण कर रही हैं, विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए टीम भावना से काम करना पहले से अधिक जरूरी हो गया है। यह वह ऊर्जा है, जो सामान्य व्यक्ति को विशिष्ट लक्ष्य हासिल करने  के काबिल बना देती है।

कैसे बनती है आदर्श टीम
इन दिनों नियोक्ता कार्यस्थल पर विविध प्रतिभा वाले कर्मचारियों को रखना पसंद करते हैं। इसका प्रमुख कारण कार्यस्थल को विविधता प्रदान करने के साथ ही रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना भी है। कर्मचारियों की यह विविधता एक टीम की संरचना को भी प्रभावित करती है। एक टीम के बीच ऑफ बीट क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले लोगों की उपस्थिति टीम के परिणाम को बेहतर बनाने में मदद करती है। गुड़गांव स्थित एक मल्टीनेशनल कम्पनी में बतौर एचआर मैनेजर काम करने वाली शिवानी पुरी कहती हैं, ‘नौकरी के लिए चयन करते वक्त हम आवेदक का पूरा ब्यौरा ध्यान से देखते हैं। कंपनी में मौजूद विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को नियुक्त करते हैं। उनकी पृष्ठभूमि और उनके द्वारा कॉलेज और पिछली नौकरी में किए कामों की विविधता को भी ध्यान रखा जाता है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि टीम के सभी सदस्य एक दूसरे के अनुभव से सीखते रहते हैं। बदलावों के प्रति नयी सोच विकसित होती है। निम्न कदम एक अच्छी टीम व टीम भावना को बढ़ाने में मदद करते हैं..

कम्युनिकेशन हो असरदार
असरदार कम्युनिकेशन इसकी पहली शर्त है। टीम के सदस्यों के बीच वैचारिक आदान—प्रदान बिना रुकावट, स्पष्ट और निर्धारित योजना की सफलता की दिशा में होना चाहिए। संचार व्यवस्था दो तरफा होनी चाहिए। अधिकार और कर्तव्यों की स्पष्टता अधिकारी और कर्मचारियों के तालमेल को बढ़ाती है। 

नेतृत्व हो मजबूत
कार्यस्थल पर बॉस के काम करने की रफ्तार, टीम की रफ्तार होती है। जरूरी है कि टीम लीडर ऐसा हो, जो अपनी कार्यक्षमता से टीम का नेतृत्व कर सके। अपने निजी स्वार्थों से ऊपर उठ कर टीम के लक्ष्य को तरजीह दे सके। टीम के सदस्यों में अपने प्रति विश्वास पैदा कर सके, ताकि सभी एक दिशा में बढ़ सकें।

आपसी विश्वास
पारस्परिक मधुर संबंध टीम की सफलता के लिए जरूरी होते हैं। सदस्यों के बीच भरोसा मजबूत होना चाहिए। काम को करने के लिए आवश्यक जरूरी बातें, प्रोजेक्ट विवरण या कोई नई बात एक दूसरे से तब तक न छुपाएं, जब तक यह संस्थान के हित में न हो।

लक्ष्य एक होना चाहिए
कोई भी टीम विभिन्न विचारों वाले व्यक्तियों से बनी होती है। यह विचार एक दूसरे के विरोधी भी हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी होगा कि टीम के सदस्यों के कार्य आपसी गुटबंदी या निजी स्वार्थ में न उलझ कर लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में ही आगे बढ़ें।

सहयोगियों के प्रति आदर की भावना
एक दूसरे की क्षमताओं, विचारों और  क्रियाओं के प्रति आदर रख कर ही टकराव को कम रखा जा सकता है। एक कुशल टीम लीडर या मैनेजर सबके काम की उपयोगिता को न सिर्फ समझता है, बल्कि खास प्रयासों के लिए प्रोत्साहनात्मक कदम भी उठाता है। 

खुद पर नकारात्मकता हावी न होने दें
आप टीम में एक सदस्य के तौर पर काम कर रहे हैं या फिर उसके लीडर हैं, नकारात्मक सोच किसी भी रूप में काम में बाधा पहुंचाती है। टीम के कार्यों पर विपरीत असर डाल सकने वाली ईष्र्या या द्वेषपूर्ण बातों से दूर रहें। ऑफिस गॉसिपिंग को पनपने न दें।

कार्य के प्रति ईमानदारी बरतें
सभी काम एक व्यक्ति को देना, दूसरों को उसमें शामिल न करना या फिर काम सौंपने के बाद उसे पूरा करने के लिए जरूरी अधिकार न देना काम को बाधित करता है। सभी सदस्यों को उनकी क्षमतानुसार काम बांटें।

साथ होंगे, तो टकराव भी होगा
जब एक साथ कई लोग काम करते हैं तो उनमें मतभेद होना भी स्वाभाविक है। विचारों की यह भिन्नता और टकराव हमेशा नकारात्मक नहीं होते। कई बार इस प्रक्रिया में नए विचार और कार्य करने के बेहतर रास्ते भी सामने आते हैं। जिससे लक्ष्य प्राप्ति आसान हो जाती है। अगर कोई एक या दो टीम सदस्य किसी विचार पर सहमत नहीं हैं तो अक्सर दूसरे सदस्य मौन बने रहे रहते हैं, जो ठीक नहीं हैं। टीम के सदस्यों को विवादित विचारों पर बात करते हुए सही समय पर टकराव की आशंका को दूर करना चाहिए।
- मतभेद के मुद्दे को पहचानें। उस पर बातचीत करने में पीछे न हटें।
- समस्या के सभी पहलुओं को समझें।
- साझा सामाधान तलाशें, ताकि सभी सदस्य नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकें।

कई हाथ और एक दिमाग वाला समूह
एक हालिया सर्वेक्षण में 90 प्रतिशत लोगों ने माना कि कार्यस्थल पर एक टीम का हिस्सा होना उनके लिए सबसे अच्छा अनुभव रहा है। विशेषज्ञ बिल बेथल के शब्दों में, ‘एक सफल टीम कई हाथ और एक दिमाग वाला समूह होती है। एक सफल टीम में सभी सदस्य एक लक्ष्य की दिशा में अपना योगदान देते हैं और इसके लिए वह अपनी निजी प्राथमिकताओं को भी एक ओर रखते हैं।’

सबकी जीत
- टीम वर्क से कोई भी काम कम वक्त में पूरा हो जाता है। जब कई लोग किसी एक समस्या का समाधान ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं तो बेहतर विचार सामने आते हैं। इनमें सबसे बढ़िया विचार के आधार पर योजना बना कर उसे अंजाम दिया जा सकता है।
- टीम वर्क से टीम सदस्यों में एकता तो बढ़ती ही है, मेल-जोल भी बढ़ता है।
- टीम के रूप में कार्य करते वक्त इसके सदस्य एक दूसरे की मदद करते हैं, क्योंकि तब उनका लक्ष्य होता है मिशन को अच्छी तरह से पूरा करना। इस तरह कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनता है।
- टीम का हर सदस्य जिम्मेदार बनता है, क्योंकि हर सदस्य की जिम्मेदारी अपने-अपने कार्य के प्रति होती है।
- टीम के सदस्य एक-दूसरे से कई नई चीजें सीखते हैं। ऐसी बातें सीखने को मिलती हैं, जो उनके निजी जीवन और करियर में काम आती हैं, जैसे आपसी संवाद का महत्व, निर्णय क्षमता और योजना को अंजाम देने की प्रक्रिया।   
- अक्सर टीम वर्क में कार्य करने का अपना ही मजा होता है। काम करते समय आपसी व्यवहार से काम में एकरसता भी नहीं आती। 
- टीम वर्क से सदस्यों में खुद के प्रति सम्मान की भावना आती है। हर व्यक्ति खुद की अहमियत को समझता है। पूरी टीम के सामने उसे अपने ज्ञान और हुनर को पहचान दिलाने का मौका मिलता है। 
- टीम वर्क से बड़ी समस्याएं भी छोटी हो जाती हैं। 
- टीम वर्क में गलती की संभावनाएं कम होती हैं, क्योंकि एक व्यक्ति का काम दूसरे से जुड़ा होता है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर काम की जांच होती रहती है।
- अच्छा टीम वर्क किसी संगठन को कम समय में बेहतर नतीजे तक पहुंचाता है।

 

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