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दार्जिलिंग को विशेष दर्जा दिए जाने की सिफारिश

दार्जिलिंग को विशेष दर्जा देने और उत्तर पूर्वी राज्यों के बराबर रिण उपलब्ध कराए जाने की पुरजोर सिफारिश करते हुए संसद की एक समिति ने कहा है कि इस पर्वती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुधारने तथा इसे पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए यह कदम जरूरी है ।
   
संसद की पर्यटन और संस्कृति संबंधी समिति ने गुरुवार को लोकसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दार्जिलिंग में छोटे होटलों के निर्माण के लिए राज सहायता नहीं दिए जाने के कारण वहां केवल पंचतारा होटलों का ही निर्माण हो रहा है, जिससे मध्यम वर्ग के पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
   
दार्जिलिंग और सिक्किम में पर्यटन का विकास पर आधारित इस रिपोर्ट में समिति ने सिफारिश की है कि दार्जिलिंग को विशेष दर्जा दिया जाए और उत्तर पूर्वी राज्यों के समान ही रिण की व्यवस्था की जाए, ताकि उसे भी करों आदि में छूट मिल सके।
   
समिति का कहना है कि दार्जिलिंग को सिक्किम से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है और यदि समय से कार्रवाई नहीं की गयी तो दार्जिलिंग में पर्यटकों की संख्या धीरे धीरे कम हो जाएगी।
  
पश्चिम बंगाल में प्रसिद्ध मिरिक क्षील की अनदेखी किए जाने पर भी समिति ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कहा है कि इस झील तथा आसपास के दार्जिलिंग के इलाके में मल-जल निकासी के लिए उचित तंत्र स्थापित किया जाए, ताकि मिरिक झील को प्रदूषित होने से रोका जा सके।
  
रिपोर्ट में कहा गया है कि दार्जिलिंग अपने सुंदर चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध है और ये पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। इसी के मद्देनजर समिति ने चाय पर्यटन की अवधारणा की खोज करने की सिफारिश की है।

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  • Web Title:दार्जिलिंग को विशेष दर्जा दिए जाने की सिफारिश