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अदालती आदेश के बाद पत्नी-बेटे को देना होगा गुजारा भत्ता

दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यापारी को उससे अलग रह रही पत्नी तथा नाबालिग बेटे के लिए हर महीने 45 हजार रुपये का अंतरिम गुजारा भत्ता अदा करने का आदेश दिया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनय कुमार खन्ना ने कारोबार करने वाले शख्स को आदेश दिया है कि वह अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता के लिए धन दे क्योंकि पत्नी या बच्चों को भूखा नहीं रहने दिया जा सकता।

न्यायाधीश ने कहा कि पत्नी और बच्चों के गुजारे के लिए व्यवस्था करना पति की सामाजिक और कानूनी प्रतिबद्धता है जो अपनी आय के स्रोत से गुजारा नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि गुजारा भत्ता दिया जाए ताकि महिला करीब करीब उसी तरह से रह सके जिस तरह वह रहती आई है। गुजारा भत्ता की अवधारणा में भोजन और कपड़े का प्रावधान शामिल होना चाहिए तथा सिर पर छत की बुनियादी जरूरत जैसी आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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  • Web Title:पत्नी-बेटे को देना होगा गुजारा भत्ता