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आम बजट : महिलाओं पर मेहरबान, पर किचन परेशान

गिरिडीह प्रतिनिधि। केन्द्र सरकार द्वारा पेश बजट में महिलाओं के लिए काफी सुविधाओं की घोषणा की गई है। उनकी सुरक्षा के लिए कई करोड़ खर्च करने का एलान किया गया है। उनके लिए अलग से बैंक खोलने की घोषणा की गई है,जिंसमें सिरे्फ महिला कर्मी ही कार्यरत होंगी। विदेशों से एक लाख रुपए तक का सोना स्वदेश लाने की छूट महिलाओं को दी गई है। इसके बावजूद घरेलू सामग्री के मूल्य में कमी नहीं होने एवं खाद्य सामग्री की दर में कोई बदलाव नहीं होने से गृहणियों में भारी नाराजगी है।

गृहिणी कंचन सिन्हा ने कहा कि बजट के कारण किचन अब और महंगा साबित होने लगा है। न्यायालयकर्मी नूतन ठाकुर ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को कुछ सुविधाएं तो दी, पर आयकर की सीमा नहीं बढ़ाने से उन जैसी किर्मयों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। श्वेता सिन्हा (गृहिणी) ने कहा कि बजट से उनमें िनराशा है, क्योंकि इससे कोई लाभ नहीं मिलनेवाला है। नर्स नजमा खातून ने कहा कि सरकार ने उन किर्मयों की भलाई के लिए कोई घोषणा नहीं की है, इसलिए यह बजट बेकार है।

गृहिणी बबीता सिन्हा ने कहा कि गृहििणयों का कोई ध्यान इसमें नहीं रखा गया, जो अफसोसजनक है। जिंप कर्मी नाजमीन ने कहा कि आयकर में छूट की सीमा नहीं बढ़ाकर सरकार ने गलत काम किया है। बेरोजगार पूनम सिंह ने कहा कि ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करनेवालों को रोजगार देने के मामले में सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है,जिंससे उनमें रोष है। गिरिडीह कॉलेज में बांग्ला भाषा की व्याख्याता पद पर कार्यरत डा. दीपाली गुहा ने कहा कि बजट से उन्हें निराशा हाथ लगी है।

गृहिणी सह वार्ड सदस्य सबिता बाला सिन्हा ने कहा कि इस बजट से उन जैसी गृहिणियों को काफी निराशा हुई है, क्योंकि किचन सामग्री में रियायत नहीं दी गई है। स्टेट बैंक कर्मी गोपा बनर्जी ने कहा कि सरकार ने आयकर में छूट की सीमा नहीं बढ़ा कर उन कर्मियों के साथ धोखाधड़ी की है।

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