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बजट को किसी ने सराहा, तो किसी ने की निंदा

जामताड़ा। प्रतिनिधि। संसद में पेश आम बजट की किसी ने सराहना की, तो किसी ने निंदा। सरकारी सेवकों ने बजट को निराशाजनक कहा। वहीं जनसाधारन ने बजट को उम्मीद के अनुरूप करार दिया। मध्यम एवं निम्न वर्ग के लोग बजट को राहत देने वाला बताया। आयकर में उम्मीद के अनुरूप छूट नहीं मिलने पर सरकारी कर्मियों में असंतोष देखा गया। महिलाओं पर बजट में विशेष प्रावधान किए जाने पर महिलाओं एवं बुद्घिजीवियों ने खुशी जाहिर की। बजट पर महिलाओं ने हर्ष व्यक्त किया:संसद में पेश आम बजट पर हर वर्ग की महिलाओं ने खुशी का इजहार किया।

जी कुजूर, ए कुमारी, डॉ रोज बेला, डॉ पूनम टोप्पो, डॉ मंजूला मुर्मू आदि ने महिलाओ के विकास पर 97 हजार करोड़ का प्रावधान, महिलाओं के लिए अलग बैंक खोले जाने की घोषणा की सराहना की। कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे। महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा सकेगा। महिलाएं विकास की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगी। कहा कि महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आयकर में छूट उम्मीद के अनुसार नहीं: बजट में आयकर स्लैब की सीमा में उम्मीद के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं किए जाने पर सरकारी कर्मियों में निराशा देखी जा रही है।

प्रो एसएन सिंह, प्राचार्य एके सिंह, सिविल सर्जन डॉ बीके साहा, डॉ रोजबेला, पीके चौधरी, आरके यादव, अनिल कुमार सिंह आदि सरकारी कर्मियों ने कहा कि छठे वेतनमान लागू होने से आमदनी बढ़ी है। जिस हिसाब से छठे वेतनमान मे कर्मियों को लाभ दिया गया है। उसी हिसाब से आयकर स्लैब में बढ़ोतरी की जानी चाहिए थी। कहा कि आयकर स्लैब कम से कम तीन लाख की जानी चाहिए थी। आयकर मामले में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए था।

धनी व्यक्तियों के सरचार्ज में बढ़ोतरी उचित:बुद्घिजीवियों एवं गणमान्य लोगों ने एक करोड़ से अधिक आमदनी वाले धनी व्यक्तियों के लिए सरचार्ज में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को उचित कदम बताया है। मध्यम एवं निम्न आय वाले लोगों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ नहीं डालकर सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है। रक्षा बजट में बढ़ोतरी संतोष जनक नहीं:आर्थिक मामलों के जानकारों ने रक्षा बजट में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी उचित नहीं बताया है। प्रो रंजीत झा, अर्थशास्त्री प्रो महादेव यादव ने कहा कि वशि्व के अन्य देश 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी बजट में करते हैं।

रक्षा मामले में किसी प्रकार की बजट में कोताही नहीं बरती जानी चाहिए थी। छात्र-छात्राओं में असंतोष:आम बजट में शिक्षा पर विशेष प्रावधान नहीं किए जाने पर छात्र-छात्राओं में असंतोष देखा गया। सुजाता कुमारी, हेलेन सोरेन, मनोज दास, श्रद्घा सुमन, उतम कुमार आदि छात्र-छात्राओं ने कहा कि शिक्षा पर विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए था। फोटो डॉ एसएन सिंह, डॉ मंजुला मुर्मू, डॉ पूनम टोप्पो, प्रो रंजीत झा, अनिल कुमार सिंह, एके प्रसाद, डॉ बी के साहा, डॉ रोज बेला, जी कुजूर, सुजाता कुमारी, हेलेन सोरेन, ए कुमारी, पीके चौधरी, श्रद्घा कुमारी, मनोज दास, आरके यादव, उतम कुमार।

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