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राज्य के सभी कार्यालय 2016 तक होंगे पेपरलेस : शाहिद

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य के सभी सरकारी कार्यालय 2016 तक पेपरलेस हो जाएंगे। सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री शाहिद अली ने गुरुवार को सदन में कहा कि दफ्तरों को पेपरलेस बनाने की तैयारी है। इसको लेकर स्कूल के बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मंत्रियों की भी ट्रेनिंग हुई हुई है। वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट में सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सम्मिलित अनुदान मांगों पर जवाब के दौरान मंत्री ने कहा कि इस विभाग की स्थापना अपने दूरदर्शी सोच के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2008 में की।

विभाग ने पूरे बिहार को नेटवर्क से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए। हमारा लक्ष्य पूरे राज्य में 8463 वसुधा केन्द्र खोलना था। 6000 केन्द्र खुल गए। शेष बचे केन्द्र भी इस साल शुरू हो जाएंगे। श्री अली ने कहा कि नवादा, औरंगाबाद, मधुबनी और गया ई जिले बन गए हैं। शेष जिलों को भी 2 वर्षों में ई जिला बना दिया जाएगा। भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में यह बड़ी कार्रवाई होगी। एनडीए की सरकार की जब आई तो उसने एक छोटा डाटा सेंटर खोला।

उसके पहले राज्य में कोई डाटा सेंटर नहीं था। अब बड़ा डाटा सेंटर निर्माणाधीन है। अप्रैल से यह चालू हो जाएगा। उसके बाद वसुधा केन्द्र पर और भी सुविधाएं बढ़ जाएंगी। बिहार नॉलेज सेंटर का भी सरकार विस्तार कर रही है। बहिटा में पीपीपी मोड में राज्य का पहला आईटी पार्क बन रहा है। सरकार बच्चों और आनेवाली पीढ़ी को सूचना प्रावैधिकी के क्षेत्र में ताकतवर बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य के 264 मदरसों को इसका फायदा पहुंच रहा है।

शेष बचे मदरसों को भी आईटी और कम्प्यूटर से लैस किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कभी बिहार आईटी के क्षेत्र में सबसे पीछे था। अब हम आगे रहने वाले राज्यों के साथ खड़े हैं। बिहार ई भूगोल प्रोजेक्ट और ई नविारण पर राज्य को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।

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