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राजेन्द्र बाबू के समाधिस्थल की दुर्गति शर्मनाक

पटना। पटना में देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद के समाधिस्थल की दुर्गति शर्मनाक है। तीन वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने राजेन्द्र प्रसाद के समाधि स्थल को राजघाट की तरह विकसित करने की घोषणा की थी। लेकिन अब तक इस दिशा में कुछ भी नहीं हुआ। कायस्थ चित्रगुप्त सेना की ओर से देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की 50वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने ये बातें कहीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष पांडेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने की। विधायक डॉ. रामानन्द यादव ने कहा कि राजेन्द्र बाबू का पूरा जीवन ही त्याग व तपस्या की अनूठी मिसाल है। उनके समाधिस्थल को राजघाट की तरह विकसित किया जाना चाहिए। विधायक दिलीप वर्मा ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे इस स्थल को राजघाट की तरह विकसित करे। साथ ही बिहार आने वाले हर राजनयिक को यहां लाने की नई परंपरा शुरू की जाए। डॉ. बीबी लाल, अरुण माइकल, नवलकिशोर प्रसाद, आशुतोष अम्बष्ठ, नरेन्द्र प्रसाद, शविनंदन सिन्हा, राजेश कुमार वर्मा ने भी अपने विचार रखे।

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