DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अवैध कब्जे की चपेट में जेपी नारायण अस्पताल

गया। नगर प्रतिनिधि। शहर के मध्य में स्थित जय प्रकाश नारायण अस्पताल के कई हिस्सा पर अवैध कब्जा है। यह स्थिति वर्षो से बतायी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और अस्पताल प्रशासन सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।

गत दिनों मगध प्रमंडल के आयुक्त आरके खंडेलवाल ने अस्पताल का निरीक्षण तो किए परंतु उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। जय प्रकाश नारायण अस्पताल के मुख्य द्वार की दायी ओर बने गार्ड रूम में गार्ड नहीं एम्बुलेंस चालक रहते हैं। मरीज के परिजनों के लिए बने वशि्रामालय में सेंट्रल डायग्नोटिक सेंटर चलाया जा रहा है। कर्मचारी आवास में कर्मचारी का नहीं आउट सोर्सिग के ठेकेदार का कब्जा है। एक्स-रे भवन में जेनरेटर चलाया जा रहा है। सर्जिकल-2 वार्ड के वार्ड इंचार्य रूम के में एक्स-रे चलाया जा रहा है।

वहीं मरीज वार्ड-1 के वार्ड इंचार्य कक्ष को प्रसूति कक्ष में तब्दील कर दिया गया है। पानी टंकी के बगल में निर्मित मरीज वार्ड में लेप्रोसी सहित अन्य कई ऑफिस चलाया जा रहा है। पम्प हाउस में पीएचईडी कर्मचारी अपना कब्जा जमाये हुए है। अस्पताल परिसर में निर्मित भवन जिसे सेंट्रल दवाई स्टोर बनाया गया है उसके बगल के बड़े भाग में एक कर्मचारी वर्षो से रह रहे हैं। इसके अलावे अस्पताल परिसर में निर्मित कई कर्मचारी आवासों में अवकाश प्राप्त कर्मचारी अथवा उसके परिजन रह रहे हैं।

गौर करने की बात यह है कि सवििज सर्जन कार्यालय इसी परिसर में है। मगध प्रमंडल के आयुक्त आरके खंडेलवाल, आरडीडी स्वास्थ्य डा. राजेंद्र प्रसाद और सिविल सर्जन डा. कृष्ण बल्लभ प्रसाद सिंह ने अस्पताल का गहन निरीक्षण किए थे। परंतु इन अधिकारियों को अवैध कब्जा की जानकारी नहीं दी गई है। इधर स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि अवैध कब्जा से मरीज, स्वास्थ्यकर्मी और मरीज के परिजनों को काफी परेशानी हो रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अवैध कब्जे की चपेट में जेपी नारायण अस्पताल