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पांच लोगों ने मिलकर की सीमेंट व्यवसायी की हत्या

भागलपुर, वरीय संवाददाता। मधुसूदनपुर के करैला गांव के सीमेंट व्यवसायी सुखनंदन यादव की हत्या पांच लोगों ने मिलकर सुंदरवन के पीछे सुनसान जगह पर की।

हत्या के मामले में गिरफ्तार अरविंद यादव ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया कि नाथनगर क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री में सुखनंदन के दबदबे को खत्म करने के लिए उसकी हत्या की गई। अरविंद ने स्वीकार किया कि हत्या की तैयारी एक महीने से चल रही थी। सुखनंदन को अगवा करने के बाद मंगलवार की शाम चार बजे सुमो विक्टा से बरारी के सुंदरवन के पीछे सुनसान जगह पर ले जाया गया। वहां कार में ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।

इसके बाद शव को हाउसिंग बोर्ड कालोनी के बगीचा चले गए और बोरे में पैक किया। रात करीब आठ बजे बोरे को हवाई अड्डा के पीछे बंशीटीकर पुल के नीचे फेंक दिया। थाना प्रभारी सुरेन्द्र पासवान ने बताया कि घटना का खुलासा हो गया है। हत्या में अरविंद के अलावा दिग्घी गांव का बद्री तांती, अलीगंज का मुन्ना झा, मिरजानहाट मोहल्ले का संजय साह और विष्णु दास शामिल था। गाड़ी विष्णु चला रहा था। उन्होंने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

जबकि गिरफ्तार अरविंद सिंह सहित तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बुधवार की रात पूछताछ में अरविंद सिंह ने पुलिस को बताया कि सुखनंदन यादव और उसके बड़े भाई कारू यादव का नाथनगर इलाके में प्रोपर्टी डिलिंग में दबदबा बढ़ गया था। महीने दिन पहले संटू यादव और सुभाष यादव के साथ मिलकर बद्री तांती ने हत्या का प्लान तैयार किया था। उनका मानना था कि सुखनंदन और कारू यादव के रहते जमीन डिलिंग में अच्छी कमाई नहीं हो सकती है।

लेकिन संटू व सुभाष पीछे हट गया। बाद में बद्री तांती ने हत्या के लिए बाहरी अपराधी को तैयार किया। मंगलवार की सुबह बकाया रुपए लौटाने के बहाने सुखनंदन को बुलाया गया। बद्री ने पंद्रह सौ रुपए में अरविंद से विक्टा किराये पर लिया था। करैला चौक पर सुखनंदन बाइक से आया। बद्री ने सुखनंदन को विक्टा पर बैठा लिया और सुखनंदन की बाइक से अरविंद विक्टा के पीछे-पीछे चल रहा था। नाथनगर में विक्टा पर दो अपराधी सवार हो गया।

पतला-दुबला और नाटे कद के सुखनंदन को मुंह में कपड़ा डाल सीट के नीचे सुला दिया गया था। अरविंद ने कहा कि सुखनंदन की बाइक को मायागंज अस्पताल के स्टैंड में लगाने के बाद वह भी विक्टा पर सवार हो गया था। शव को ठिकाना लगाने के बाद सभी लोग जीरो माइल के पास एक होटल पहुंचे और वहां पर खाना खाने के बाद सभी लोग बाजार आ गए। मुन्ना झा और संजय घर चला गया। गाड़ी लेकर बद्री तांती चला गया और वह घर आ गया।

रात में घर से बाहर भागने की तैयारी थी लेकिन ग्रामीणों से उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि बद्री तांती और विक्टा के चालक विष्णु दास की गिरफ्तारी के बाद कुछ रहस्यों का खुलासा हो सकता है। विक्टा अरविंद सिंह के जमालपुर फरीदपुर में रहने वाले बहनोई संजीव सिंह के नाम पर है, लेकिन चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया है। घटना में शामिल दो अन्य अपराधियों के घर का पता लगाया जा रहा है।

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