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31 मई, 2020|12:13|IST

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...ऐसे सवाल बड़ों से पूछना हमें मंजूर नहीं

...ऐसे सवाल बड़ों से पूछना हमें मंजूर नहीं

किशोरावस्था के दौरान मन में कई सवाल उठते हैं, लेकिन किशोरों को अपने अभिभावकों और घर के बड़ों से इन सवालों को पूछना मंजूर नहीं है। वैलेन्टाइन डे के करीब आने के साथ साथ वेबसाइट लव मैटर्स पर ऐसे सवालों की जैसे बाढ़ आ गई है, जिनमें प्यार, विवाह, सुरक्षित सेक्स, प्रजनन, परिवार नियोजन जैसे विषयों पर जानकारी मांगी गई है।
   
रेडियो नीदरलैंडस वर्ल्डवाइड की इस वेबसाइट में भारतीय प्रभाग की प्रमुख वीथिका यादव ने बताया हमारा सामाजिक ढांचा और सोच का तानाबाना आपस में इस कदर उलझा हुआ है कि चांद और मंगल पर बस्तियां बसाने के सपने देखने के बावजूद हम प्यार, सुरक्षित सेक्स, प्रजनन, परिवार नियोजन जैसे दैनिक जीवन से जुड़े अहम विषयों पर खुल कर चर्चा नहीं कर पाते।
   
उन्होंने कहा एक ओर महिलाओं के खिलाफ अपराध में वृद्धि हो रही है और वहीं दूसरी ओर क्षिक्षक, लिहाज आदि कारणों के चलते कई किशोरों और युवाओं की जिज्ञासा का सही समाधान नहीं हो पाता।

दिल्ली और मुंबई में हाल ही में हमने एक सर्वे कराया और बड़ी संख्या में किशोरों तथा युवाओं ने प्यार, विवाह, हनीमून, सुरक्षित सेक्स, प्रजनन, परिवार नियोजन जैसे विषयों पर अपनी अपेक्षाओं के बारे में जानने की इच्छा जताई। अहम बात यह है कि इन लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें इन सवालों के जवाब अपने अभिभावकों या घर के बड़ों से नहीं चाहिए।
   
वीथिका ने बताया कि वैलेन्टाइन डे के करीब आने के साथ साथ इस वेबसाइट पर सवालों की जैसे बाढ़ आ गई है। लव मैटर्स वेबसाइट डीकेटी इंडिया के साथ साझीदारी कर आवश्यक सामग्री मुहैया करा रही है। गौरतलब है कि डीकेटी इंडिया एक कंडोम कंपनी है।
   
वेबसाइट पर पूछे गए सवालों के जवाब तैयार करने के लिए विशेषज्ञों का दल मौजूद है। यह वेबसाइट मोबाइल फोन पर भी उपलब्ध है। विभिन्न वर्ग वाली इस वेबसाइट का एक वर्ग है आन्टीजी, जिसमें सवाल पूछे जाते हैं। अन्य श्रेणियों में अहम जानकारी, संबंधित समाचार, आलेख आदि हैं। वीथिका के अनुसार, आन्टीजी सीरिज बेहद लोकप्रिय है।
   
वीथिका कहती हैं कि नवंबर 2010 में अंग्रेजी की वेबसाइट शुरू की गई और नवंबर 2011 में हिन्दी में वेबसाइट शुरू की गई। हमें मिले ईमेल में कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं। जवाब बेहद सावधानीपूर्वक देना होता है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाती है। हमें वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी सवाल मिलते हैं।
   
उन्होंने कहा हम और मुद्दों पर तो खुलेपन के पक्षधर हैं, लेकिन अपने जीवन के अहम पहलुओं पर खुल कर चर्चा करने में हमें झिझक होती है। ऐसा नहीं होना चाहिए। किशोरों और युवाओं की जिज्ञासा का समाधान सही तरीके से हो जाए तो वह भटकेंगे नहीं और न ही उनका भविष्य खतरे में होगा।

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