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कैसा होगा टीम इंडिया का मध्यक्रम

कुछ वर्ष पूर्व तक टीम इंडिया के पास सितारे बल्लेबाजों से भरा मध्यक्रम था जिसे बेहद मजबूत माना जाता था और पूरी दुनिया में उसकी तूती बोलती थी। लेकिन अब तलाश इस बात की है कि सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की विरासत को कौन से खिलाड़ी बढ़ा सकते हैं?

सुरेश रैना
बाएं हाथ के बल्लेबाज, उत्तर प्रदेश

सीमित ओवर के क्रिकेट में पूरी तरह फिट बैठते हैं। आक्रामक बल्लेबाज और चपल फील्डर हैं। पार्टटाइम ऑफ स्पिनर भी सधे हुए हैं। दिक्कत इस बात की है कि उपमहाद्वीप के बाहर की उछाल लेती पिचों पर कामयाबी का ग्राफ कुछ गिर जाता है। टेस्ट पदार्पण पर शतक बनाया था लेकिन इसे आगे नहीं बढ़ा सके हैं।

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद वनडे में फिर जमकर चमक बिखेरने के बाद इस बात की आस जगा गए हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा बन सकते हैं। कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन गिने-चुने खिलाड़ियों में से हैं जो अपनी बल्लेबाजी को निखारने के लिए निजी कोच की सेवाएं ले रहे हैं। मुंबई में लीग क्रिकेट काफी खेले हैं इसलिए मुंबई के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर प्रवीण आमरे से बल्लेबाजी के टिप्स ले रहे हैं।
इसका उन्हें फायदा भी हो रहा है। उनका साफ तौर पर यह कहना भी है कि जब आप क्रिकेट से जमकर धन कमा रहे हैं तो फिर अपने कौशल को निखारने के लिए निजी कोच या ट्रेनर की मदद लेने में नहीं हिचकना चाहिए।

                    मैच        रन          बेस्ट           औसत          100
टेस्ट            17           768        120              28.44            01
वनडे           159         4068       116*            36.98            03

सचिन तेंदुलकर

दाएं हाथ के बल्लेबाज, मुंबई
टी20 पहले ही छोड़ चुके हैं और वनडे से भी संन्यास ले लिया है। अब जो भी टेस्ट खेलेंगे वो इनका अंतिम टेस्ट हो सकता है। इसे देखते हुए उन्हें भविष्य की भारतीय टीम के लिए रखना उचित नहीं लगता। लेकिन जब तक वह खेल रहे हैं, उनके बिना टीम के बारे में नहीं सोचा जा सकता है। टेस्ट टीम में बने रहने के लिए उनका संघर्ष चल रहा है। बेहतर फॉर्म में बने रहने के लिए रणजी ट्रॉफी के बाद ईरानी कप में खेले रहे हैं।

                        मैच              रन            बेस्ट         औसत     100
टेस्ट                 194            15645        248*          54.32      51
वनडे                463            18426        200*          44.83      49

मनोज तिवारी
दाएं हाथ के बल्लेबाज, बंगाल

बेहद प्रतिभाशाली और आक्रामक बल्लेबाज हैं। केविन पीटरसन से काफी प्रभावित हैं। उनके आक्रामक अंदाज की वजह से उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। 2008 में पहला वनडे खेला था लेकिन अनेक मौके मिलने के बाद भी भारतीय टी20 या वनडे टीम में जगह पक्की नहीं कर सके हैं। लेकिन घरेलू क्रिकेट में चमकते हुए बार-बार टीम में आते रहते हैं। चोटों से जूझते रहे हैं। फील्डर भी गजब के हैं।

                              मैच             रन          बेस्ट        औसत        100
वनडे                      08               251         104*        35.85          01
प्रथम श्रेणी             63              4827        267         58.86           17

युवराज सिंह

बाएं हाथ के बल्लेबाज, पंजाब
आक्रामक बल्लेबाज धाकड़ शॉट खेलने में माहिर हैं। कैंसर से उबरने के बाद जबर्दस्त जज्बा दिखाकर टीम में फिर से स्थापित हुए हैं। वनडे और टी20 में जमकर खेलते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के साथ स्पिनरों पर भी आत्मविश्वास नहीं दिखा पाए हैं। पिछले कुछ समय से अपनी खब्बू स्पिन गेंदबाजी से भी खूब चमके हैं। विश्व कप 2011 में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे थे।

                 मैच             रन                 बेस्ट        औसत       100
टेस्ट          40                1900              169          33.92        03
वनडे         282               8211             139          36.98        13

मनप्रीत जुनेजा

2011 में अपने प्रथम श्रेणी के पहले मैच में शतक ठोकने वाले भारत के चौथे क्रिकेटर बने थे। यह प्रदर्शन भी तब किया था जब गुजारात की टीम तमिलनाडु के खिलाफ फॉलोऑन बचाने के संघर्ष में जुटी थी। उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाज माना जाता है। सपाट पिचों के अलावा गेंदबाजों की मददगार पिचों पर भी रन बना रहे हैं। इस वजह से भविष्य की उम्मीद जगा रहे हैं लेकिन देखना होगा कि अगले सीजन कैसा करते हैं।

रोहित शर्मा
दाएं हाथ के बल्लेबाज, मुंबई

एक ऐसे बल्लेबाज हैं जिनके बारे में समर्थक भी यह सोचकर दांतों तले उंगली दबाते हैं कि आखिर कैसे ये अपनी प्रतिभा से न्याय नहीं कर पाए हैं। जब रंग में होते हैं तो इनके शॉट देखने वाले होते हैं। फिर चाहे स्ट्रेट ड्राइव हो या पुल शॉट। इनका जलवा देखने लायक होता है। किसी भी परिस्थिति में मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। इनमें टैक्नीक और टेलेंट का ऐसा मिश्रण है कि किसी भी फॉर्मेट में शीर्ष पर पहुंच सकते हैं।
पांच साल से उच्च स्तर की क्रिकेट में खेल रहे हैं। तेज और स्पिन गेंदबाजों को बेहतर ढंग से खेलने में माहिर हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता दिखानी होगी वरना समय निकल जाएगा। एक समय इनकी वनडे मैचों में बल्लेबाजी को देखकर यह कहा जाने लगा था कि सचिन तेंदुलकर का अच्छा विकल्प साबित होंगे। लेकिन इस बात का दबाव इन पर इस कदर हावी हुआ कि लगातार असफल होते चले गए। चयनकर्ताओं ने भी खूब मौके दिए और इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम वनडे में बतौर ओपनर उतारा तो भारी दबाव में चमक दिखा उम्मीद जगा गए हैं।

                              मैच            रन           बेस्ट           औसत         100
वनडे                       88              2065       114           30.82           02
प्रथम श्रेणी             55              4605        309*         61.40            15

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