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नैनो टेक्नोलॉजी: सूक्ष्म तकनीक में विशाल अवसर

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Tue, 09 Oct 2012 12:35 PM
नैनो टेक्नोलॉजी: सूक्ष्म तकनीक में विशाल अवसर

भविष्य में हर तकनीक का आधार नैनो होगा, ऐसा माना जा रहा है। यदि हम वर्तमान पर नजर डालें तो आज भी हमारी दैनिक जरूरत की चीजों से लेकर मेडिसिन और बड़ी-बड़ी मशीनरी में नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। यकीनन इसकी मांग और बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र के प्रशिक्षित कर्मियों को रोजगार के काफी अवसर उपलब्ध होंगे। आप भी इस क्षेत्र में करियर बना सकते हैं, कैसे, बता रहे हैं फजले गुफरान

नैनो टेक्नोलॉजी वह अप्लाइड साइंस है, जिसमें 100 नैनोमीटर से छोटे पार्टिकल्स पर भी काम किया जाता है। आज इस तकनीक की मदद से हर क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यदि विस्तार से जानें तो नैनो एक ग्रीक शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है सूक्ष्म (बौना)। नैनो टेक्नोलॉजी में काम आने वाले पदार्थों को नैनो मैटीरियल्स कहा जाता है।

नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग वर्षों से बहुलक पॉलीमर तथा कंप्यूटर चिप्स में हो रहा है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर, भवन निर्माण सामग्री, वस्त्र उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूर संचार, घरेलू उपकरण, कागज और पैकिंग उद्योग, आहार, वैज्ञानिक उपकरण, चिकित्सा और स्वास्थ्य, खेल जगत, ऑटोमोबाइल्स, अंतरिक्ष विज्ञान, कॉस्मेटिक्स, अनुसंधान और विकास जैसे क्षेत्र में इसका उपयोग होता है।

नैनो टेक्नोलॉजी आज अनुसंधान की सीमा से आगे बढ़ कर कारोबार में बदल रही है। इसे देखते यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अकेले अमेरिका में करीब दस लाख नैनो टेक्नोलॉजी कर्मियों की जरूरत होगी। जब अमेरिका में यह स्थिति है तो निश्चित तौर पर अन्य देशों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ेगी। भारत में भी इस क्षेत्र में काफी तेजी से विकास हो रहा है, इसलिए यहां आने वाले दिनों में रोजगार के काफी अवसर उपलब्ध होंगे।

काम की प्रकृति
नैनो टेक्नोलॉजी का क्षेत्र बहुत व्यापक है। आज हर क्षेत्र में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है, जैसे औषधि, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग उद्योग, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य आदि। दुनिया का शायद ही कोई क्षेत्र इससे अछूता हो।

बायो मेडिकल अनुसंधान में तो नैनो मेडिसिन ने जैसे करिश्मा कर दिखाया है और इस करिश्मे के पीछे हैं छोटे-छोटे नैनो पार्टिकल्स। कोशिकाओं में ये बिना रोक-टोक घूम-फिर सकते हैं।

नैनो विज्ञान और नैनो टेक्नोलॉजी, ये दोनों लगभग सभी विषयों से गुजरते हैं, जैसे जीवविज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, भौतिकी और रसायनशास्त्र। नतीजतन, इसके अनुसंधान व विकास के कार्यक्षेत्र नैनो स्केल पर अंतर्विषयक तथा अतिव्यापी हैं।

चुनने के लिए विद्यार्थियों के पास कई क्षेत्र हैं। वे चाहें तो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाएं या फिर अनुसंधान का काम चुन लें। इस विषय पर उनके लिए करियर बनाने के तमाम रास्ते खुले हुए हैं, जैसे बायोमेडिकल एवं बायोटेक्नोलॉजी, मैटीरियल साइंस, ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा व पर्यावरण, औषधि निर्माण, कॉस्मेटिक्स तथा माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स।

कोर्स एवं योग्यता
समय के साथ-साथ करियर के विकल्प बढ़ गए हैं।
नैनो टेक्नोलॉजी में पीजी करने के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक या एमटेक के लिए मैटीरियल साइंस, मैकेनिकल साइंस, बायोमेडिकल, कैमिकल, बायोटेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर साइंस में से किसी भी विषय से बीटेक की डिग्री आवश्यक है। यह पांच साल का इंटेग्रेटेड कोर्स है एमटेक इन नैनो टेक्नोलॉजी। हालांकि यह क्षेत्र अभी अपने आरंभिक चरण में है, लेकिन भारत में इसकी शुरुआत दो दशक पहले ही हो चुकी है। कोर्स के दौरान डिजाइनिंग ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट, सोलर एनर्जी, रिलेशनशिप बिटविन एन्वायरमेंटल साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताया और पढ़ाया जाता है।

अवसर
नैनो टेक्नोलॉजी का कौशल रखने वाले लोगों को जो कंपनियां रोजगार दे रही हैं, उनमें ऑटोमोबाइल, रसायन, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक, ऊर्जा समेत तमाम क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनियां शामिल हैं। इनके अलावा देसी व विदेशी कंपनियों व प्रयोगशालाओं में नैनो टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों के लिए बहुत से नए व दिलचस्प अवसर पैदा होंगे, जिनमें शामिल होंगे- स्वास्थ्य उद्योग अनुसंधान व परामर्श, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल, कृषि, खाद्य व पेय, पर्यावरण उद्योग, सरकारी अनुसंधान व विकास, विश्वविद्यालय एवं निजी शोध संस्थान, उद्यम, प्रबंधन और बायोटेक्नोलॉजी में निवेश सलाहकार तथा अन्य कई।

नैनो टेक्नोलॉजी में हो रही प्रगति के चलते कई नए उद्योग पनप रहे हैं। रिसर्च के भी अपार मौके हैं, जैसे स्पेस रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, जेनेटिक्स, प्राइवेट रिसर्च इंस्टीटय़ूट, बायोटेक्नोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस। इसके अलावा टीचिंग, कम्युनिकेशन एवं मीडिया में भी अपार मौके हैं।

वेतन
वेतन योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। इस क्षेत्र में आमदनी की कोई सीमा नहीं है। नैनो टेक्नोलॉजी की दिनोदिन बढ़ती मांग ने इस क्षेत्र में कमाई के भी कई अवसर खोले हैं। इनमें सरकारी और गैर-सरकारी, दोनों महकमे हैं।

सरकारी सेक्टर में एक एमटेक व्यक्ति 30 हजार रुपये प्रतिमाह आसानी से कमा सकता है। वहीं गैर सरकारी महकमे में 20 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन है। इस तरह कहा जा सकता है कि यह भविष्य के साथ-साथ वर्तमान का भी करियर है।

नैनो टेक्नोलॉजी में अवसर पुकार रहे हैं
जिस तरह नैनो टेक्नोलॉजी अनुसंधान से आगे बढ़कर कारोबार में बदल रही है, उसे देखते हुए नेशनल साइंस फाउंडेशन का अनुमान है कि अकेले अमेरिका में करीब 10 लाख नैनो टेक्नोलॉजी कर्मियों की जरूरत होगी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी देशों में यह मांग कितनी ज्यादा होगी। नैनो टेक्नोलॉजी में मौजूद अवसर खुद पुकार रहे हैं, इसलिए जिन विद्यार्थियों की इस विषय में रुचि है, उनके लिए यह क्षेत्र आदर्श हो सकता है।
प्रो (डॉं) एस.के. चक्रवर्ती
अनुसंधान व विकास निदेशक (मानव रचना अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय)

प्रमुख संस्थान

इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
वेबसाइट:
www.iitd.ac.in
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
वेबसाइट
: www.jmi.ac.in
नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री, दिल्ली
वेबसाइट
: www.nplindia.org
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरू
वेबसाइट
: www.iisc.ernet.in
गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, हरियाणा
वेबसाइट:
www.gjust.ac.in
मानव रचना अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, फरीदाबाद, हरियाणा
वेबसाइट
: www.mriu.edu.in
मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल
वेबसाइट:
www.manit.ac.in

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