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'पश्चिमी में बॉलीवुड को महत्वहीन सिनेमा माना जाता है'

अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि पश्चिमी देशों के लोग समझते हैं कि भारत में महत्वहीन फिल्में बनाई जाती हैं।
    
नवाजुद्दीन ने कहा कि उन्हें (पश्चिमी देशों के लोगों) लगता है कि भारत में केवल खूब नाच गाने और नाटक वाली महत्वहीन फिल्में बनाई जाती हैं। कुछ हद तक यह सच है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अलग तरह की फिल्में बनी हैं।
    
उन्होंने कहा कि उन्हें अब अहसास हो रहा है कि भारत में अच्छी फिल्में बनाई जा रही हैं। वे हमारी फिल्में पसंद करते हैं क्योंकि हम बिल्कुल अलग तरह की फिल्में बनाते हैं।
    
हाल में संपन्न हुए कांस फिल्म महोत्सव में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' भाग एक और भाग दो, तथा 'मिस लवली' का प्रदर्शन किया गया। इन तीन फिल्मों में नवाजुद्दीन ने अभिनय किया है।
    
भारतीय सिनेमा की छवि सुधारने के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर उन्होंने कहा कि मैं आशा कर रहा हूं कि फिल्म निर्माता कहानी 'पान सिंह तोमर' और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' जैसी और फिल्में आगे भी बनाएंगे। हमारे पास कुछ युवा और प्रतिभाशाली निर्देशक हैं जिनका फिल्म बनाने और विषय चुनने का तरीका अलग है।

नवाजुद्दीन ने कहा कि हमारे पास आमिर खान जैसे अभिनेता हैं जो लगान जैसी फिल्में बना सकते हैं और इसी के साथ वह पीपली लाइव जैसी फिल्म भी बनाते हैं जो भारतीय सिनेमा के लिए बड़ा योगदान है।
    
कांस फिल्म महोत्सव में अपनी तीनों फिल्मों को गजब की प्रतिक्रिया मिलने से उत्साहित नवाजुद्दीन खुद को भाग्यशाली मानते हैं।
    
अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' झारखंड के एक छोटे से शहर की पृष्ठिभूमि पर आधारित है। 'मिस लवली' का निर्देशन आशिम अहलूवालिया ने किया है जो सी ग्रेड फिल्म निर्देशक के बारे में है जो एक जूझती अभिनेत्री के साथ प्यार की जंजीरों में बंध जाता है।

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