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दो उपायों से आसान होगा शहर का ट्रैफिक

गाजियाबाद। कार्यालय संवाददाता। अक्सर ही भयंकर जाम से जूझने वाले शहरवासियों को राहत पहुंचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहला जीडीए से 100 होमगार्ड अतिरिक्त मिलने वाले हैं तो दूसरा सड़कों के बीच फंसे खराब व अवैध पार्किंग से वाहनों को हटाने के लिए आठ अपलिफ्ट क्रेन आएंगे।

गाजियाबाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जनपद है। दिल्ली से सटे होने के कारण उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों व उत्तराखंड में प्रवेश लेने के लिए लोगों को गाजियाबाद से होकर ही गुजरना पड़ता है। जिले में लाखों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है, मगर उसे कंट्रोल करने के लिए मैनपावर की कमी है।

उस पर गाजियाबाद में सबसे ज्यादा वीआईपी व वीवीआईपी मूवमेंट होते हैं। मैनपॉवर की इस कमी को पूरा करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने जीडीए से 100 अतिरिक्त होमगार्ड की मांग की है। जीडीए ने बहुत जल्द होमगार्डो को देने का वादा भी किया है।

100 होमगार्ड के मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस को ट्रैफिक संचालन में काफी मदद मिलेगी। शहर की दूसरी बड़ी समस्या अवैध पार्किंग और सड़कों पर खराब वाहनों को हटाने की है, जो प्रमुख प्वाइंट्स पर जाम की बड़ी वजह हैं। ट्रैफिक पुलिस के पास फिलहाल तीन क्रेन हैं, उनमें से दो किराए की हैं। यहां एक भी अपलिफ्ट क्रेन नहीं है।

जिसके कारण सड़कों पर अवैध पार्क किए गए वाहनों को ट्रैफिक पुलिस नहीं हटा पाती है। वहीं वाहन अगर सड़क के बीचो-बीच खराब हो जाए तो उसे हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कुछ दिन पूर्व सिहानी गेट फ्लाइओवर पर एक ट्रक के खराब हो जाने से भयकंर जाम लगा हुआ था।

उस ट्रक को हटाने में ट्रैफिक पुलिस को चार घंटे से भी ज्यादा का समय लग गया था। इतना ही नहीं एक ट्रक मेरठ तिराहे पर खराब हो गया था और उसे हटाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास क्रेन नहीं था। काफी मश्क्कत के बाद ट्रक हटाया जा सका गया था।

ऐसे में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिख कर आठ अपलिफ्ट क्रेन की डिमांड की गई है जहां जल्द ही क्रेन मिल जाएगी।ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनातीएसपी ट्रैफिक पद रिक्तसीओ ट्रैफिक 01ट्रैफिक इंस्पेक्टर 01टीएसआई 05एएसआई 20हेड कांस्टेबल 17कांस्टेबल 115होमगार्ड 100 (50 दिन और 50 रात में, होमगार्ड ट्रैफिक पुलिस के सहयोग मात्र के लिए ही होते हैं)

वाहनों के आवागमन की संख्याशहर में साढे तीन से चार लाखदेहात क्षेत्र में (एनएच-24 और एनएच-58 भी शामिल) तीन लाखयह वाहनों की संख्या राउंड द क्लॉक है। इनमें से सबसे ज्यादा ट्रैफिक की समस्या शहर में होती है। यहां पर लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।

वहीं पीक ऑवर्स में घंटों एक ही स्थान पर वाहन चालकों को खड़ा रहना पड़ता है। जहा तक हाइवे की बात है तो एनएच-24, एनएच-58 और जीटी रोड पर जाम का सिलसिला राउंड द क्लॉक बना रहता है।

प्रमुख प्वाइंट्स जहां ट्रैफिक पुलिस की रहती है तैनाती-यूपी गेट-महाराजपुर बार्डर-वैशाली सेक्टर-4 रेड लाइट-वसुंधरा रेड लाइट-इंदिरापुरम सेक्टर-15, 16-मोहननगर चौराहा-सीआईएसफ कट-लोनी रोड-मेरठ तिराहा-राजनगर एक्सटेंशन-ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर-हापुड चुंगी-नवयुग मार्केट कट-एमएमजी अस्पताल (जीटी रोड)-घंटाघर कट-सिविल लाइंस-लाल कुंआ-एनएच-24 (छिजारसी कट, विजयनगर कट)-

डासना टोल -गढ़ाुक्तेश्वर (गंग नहर)-मुरादनगर एंट्री प्वाइंट-मोदीनगरजीडीए से हमे जल्द ही 100 होमगार्ड मिल जाएंगे जिनकी तैनाती विभिन्न स्थानों पर कर दी जाएगी। फिलहाल मैनपॉवर की भारी कमी है। वहीं आठ अपलिफ्ट क्रेन भी मिलेने वाले हैं जिससे सड़कों पर अवैध ढंग से पार्क किए गए वाहनों को हटाया जा सकेगा।-किरन यादव, एसपी ट्रैफिकं

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